दफ्तर की कुर्सी से ज्यादा फैक्ट्री की मशीन दे रही है पैसा! कारखाने के वर्कर मार रहे हैं बाजी, पीछे छूटे ऑफिस बाबू

डिजिटल जॉब प्लेटफॉर्म 'वर्कइंडिया' (WorkIndia) की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय रोजगार बाजार के एक चौंकाने वाले बदलाव को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के कारखानों और शारीरिक श्रम से जुड़े कामगारों की न्यूनतम तनख्वाह में सालाना आधार पर 8.60 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिलचस्प बात यह है कि वेतन वृद्धि की यह रफ्तार दफ्तरों में होने वाली शुरुआती स्तर (Entry-level office jobs) की नौकरियों के मुकाबले अधिक है।

देश में कारखानों और शारीरिक श्रम से जुड़े कामगारों की न्यूनतम तनख्वाह में सालाना आधार पर 8.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। नौकरियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने वाले डिजिटल मंच वर्कइंडिया की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ोतरी दफ्तरों में काम करने वाली शुरुआती स्तर की नौकरियों से ज्यादा है। इससे रोजगार के स्वरूप में बदलाव का संकेत मिलता है।

blue collar salary hike

दफ्तर की कुर्सी से ज्यादा फैक्ट्री की मशीन दे रही है पैसा (Photo: iStock)

भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया कि इन कामगारों की औसत न्यूनतम तनख्वाह 2025 में बढ़कर 15,265 रुपए हो गई, जो 2024 के 14,056 रुपए थी। वहीं, दफ्तरों की शुरुआती नौकरियों में तनख्वाह 14,760 रुपए से बढ़कर 15,756 रुपए हुई, जो अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी है।

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