क्या होता है नीले रंग का आधार कार्ड? जानें रेगुलर आधार से यह कितना अलग

नार्मल आधार कार्ड तो सभी ने देखा है लेकिन क्या आपने नीला आधार कार्ड देखा है? अगर तो आइए बताते हैं क्या होता है नीला आधार कार्ड और कौन इसे बनवा सकता है?

भारत में आधार कार्ड आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी सरकारी दस्तावेजों में से एक बन चुका है। बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर नागरिक के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या आपने कभी नीले रंग का आधार कार्ड देखा है? आमतौर पर हम जो आधार कार्ड इस्तेमाल करते हैं, वह सफेद रंग का होता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक विशेष आधार कार्ड जारी करता है, जिसे 'बाल आधार' (Baal Aadhaar) या 'ब्लू आधार कार्ड' कहा जाता है। अक्सर माता-पिता के मन में इसे लेकर कई सवाल होते हैं कि यह नीले रंग का ही क्यों होता है, इसके लिए कौन से बच्चे योग्य हैं और यह बड़े लोगों के सामान्य आधार कार्ड से कितना अलग होता है? इन सभी नियमों और अधिकारों को समझना हर पेरेंट्स के लिए बेहद जरूरी है ताकि वे अपने बच्चों के जरूरी दस्तावेज समय पर बनवा सकें।

Blue Aadhar Card

क्या होता है नीला आधार कार्ड?

ब्लू आधार कार्ड की योग्यता की बात करें, तो यह विशेष रूप से नवजात शिशु से लेकर 5 साल तक की उम्र के छोटे बच्चों के लिए जारी किया जाता है। जैसे ही बच्चा 5 साल की उम्र पार कर लेता है, यह नीला आधार कार्ड अमान्य (Invalid) हो जाता है। इसके बाद बच्चे के आधार डेटा को अपडेट कराना अनिवार्य होता है, जिसके बाद उन्हें बड़ों की तरह सामान्य सफेद रंग का आधार कार्ड मिलता है। इस नीले आधार कार्ड को बनवाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इसके जरिए आप अपने बच्चे का स्कूल में एडमिशन आसानी से करवा सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बच्चे के नाम पर सरकारी सब्सिडी पाने या यात्रा के दौरान बच्चे की पहचान साबित करने के लिए भी यह एक बेहद जरूरी और पुख्ता दस्तावेज के रूप में काम आता है।

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