Budget 2021 UPDATES: वित्त मंत्री ने पेश किया आम बजट, मोबाइल होगा महंगा, जानिए आपको क्या मिला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2021-2022 का बजट पेश किया। भाषण की शुरूआत में उन्होंने कोरोना संकट के दौरान सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया। जानिए इस बजट से आपको क्या मिला
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा कि 15 वें वित्त आयोग की सिफारिशें मानी गई गई हैं जिससे केंद्रीय करों में राज्यों को 41 फीसदी हिस्सा मिलेगा। इससे पहले मौजूदा व्यवस्था में 30 से 35% हिस्सा मिलता था। पहली बार बजट को 'मेड इन भारत' निर्मित टैब के जरिए पेश किया गया। इससे पहले वित्त मंत्री ने 'यूनियन बजट मोबाइल ऐप' लॉन्च किया था जिसके जरिए सांसद और आम जनता दोनों बजट डाक्युमेंट्स को आसानी से ऐक्सेस कर सकते हैं। वित्त मंत्री के बजट भाषण से जुड़े हर अपडेट हम आपको यहां दे रहे हैं।
बजट पर प्रतिक्रिया
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए बैंक बाजार.कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, 'भारत में बेहद कम बीमा पैठ है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय ने 113,823 शहरी और ग्रामीण परिवारों का नमूना लेते हुए 2017 और 2018 के बीच एक सर्वेक्षण किया। निष्कर्ष बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में 85.9 प्रतिशत और शहरी आबादी के 80.9 प्रतिशत लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं था। सर्वेक्षण में बताया गया है कि निजी अस्पतालों में भर्ती होने का औसतन खर्चा ग्रामीण क्षेत्रों में 15,937 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 22,031 रुपये है। लगभग 79.5 प्रतिशत ग्रामीण आबादी ने अपने अस्पताल के बिलों का भुगतान स्वतंत्र रूप से किया, यहां तक कि भौतिक संपत्ति बेचकर, जबकि 13.4 प्रतिशत ने उधार लिया। शहरी क्षेत्रों में, 83.7 प्रतिशत परिवारों ने अपनी बचत का भुगतान किया, जिसमें 8.5 प्रतिशत ऋण पर निर्भर थे। यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं एक आम भारतीय की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ते हैं। इसलिए, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा का अधिक से अधिक वित्त पोषण का स्वागत है। इंतज़ार है योजना के विवरण का।'
कुछ प्रमुख बड़ी बातें
भारत में गोल्ड एक्सचेंज बनेगा और वेयरहाउस भी बनेंगे। सेबी होगा इस बाजार का नियामक। भारत में सोने के कारोबार इससे तेज बढ़ोत्तरी होगी और नए निवेश उत्पाद आएंगे। सस्ते मकानों के लिए टैक्स की राहत एक साल बढ़ी, हाउसिंग को बढ़ावा मिलेगा।
मोबाइल कर रहे हैं एक्सपोर्ट
देश में मोबाइल फोन निर्माण करने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ी है। हम मोबाइल तथा मोबाइल पार्ट्स भी एक्सपोर्ट कर रहे हैं। आयरन की दरों में बढ़ोत्तरी होने प्रभाव पड़ा है इस पर हम कस्टम ड्यूटी घटाकर साढ़े सात फीसदी कर रहे हैं। कॉपर स्क्रैप पर भी ड्यूटी शुल्क पांच फीसदी से घटाकर ढ़ाई फीसदी कर दिया जाएगा। मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी 2.5 फीसदी हुई गोल्ड और सिल्वर पर भी कस्टम ड्यूटी को रेशनाइलेशन किया जा रहा है- वित्त मंत्रालय
जीएसटी को लागू हुए चार साल हो गए हैं जिसमें और सरलीकरण की आवश्यकता है। जीएसटी के लिए हमने कई सरल नियम बनाए हैं जो व्यापारियों को मदद देते हैं और जो टैक्स में चोरी करते हैं हम उनकी पहचान करतेहैं। पिछले महीने रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है।
जीएसटी को लागू हुए चार साल हो गए हैं जिसमें और सरलीकरण की आवश्यकता है। जीएसटी के लिए हमने कई सरल नियम बनाए हैं जो व्यापारियों को मदद देते हैं और जो टैक्स में चोरी करते हैं हम उनकी पहचान करतेहैं। पिछले महीने रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है।
टैक्स ऑडिट की लिमिट 5 करोड़ से बढाकर 10 करोड़ की योजना
सेसमेंट के लिए 6 साल पुराना और सीरियस केस में 10 साल पुराना खाता बही निकालना पड़ता है। इस टाइम लिमिट को घटा कर छह साल से तीन साल किया जाता है। टैक्स ऑडिट की लिमिट 5 करोड़ से बढाकर 10 करोड़ करने की योजना है। प्रवासी मजदूरों के लिए जो किराए के घर हैं उस सुविधा की दिशा में हम कुछ काम कर रहे हैं: वित्त मंत्री
विवादों को खत्म करने के लिए फेसलैस सेंटर
भारत सरकार ने विवादों को खत्म करने का मौका लोगों को दिया था और टेक्स पेयर्स की तरफ से इसकी अच्छी प्रतिक्रिया आई है और एक लाख से ज्यादा लोगों ने इसका फायदा उठाया है। इस तरह के विवादों को खत्म करने के लिए एक फेसलैस कमेटी होगी और विवादों का निपटारा होगा। इसके लिए एक सेंटर बनाया जाएगा जो फेसलैस सेंटर होगा- वित्त मंत्री
कोरोना महामारी के बाद दुनियाभर में नई चीजें पैदा होने वाली हैं जिसमें भारत की भूमिका अग्रणी होगी। इसमें टैक्स सिस्टम में सुधार होना चाहिए औऱ टैक्स पेयर पर भी ज्यादा भार नहीं पड़ना चाहिए। डायरेक्ट सिस्टम में टैक्स पेयर के लिए हम घोषणा करते हैं। डिविटेंड टैक्स सिस्टम भी कम किया था जो दुनिया में सबसे कम है। 2020 में आयकर दाताओं की संख्या में अभूतपूर्व इजाफा हुआ। इसके सरलीकरण की दिशा में कुछ घोषणाए हैं। आजादी के 75वें साल में जब हम नई ऊर्जा से काम कर रहे हैं। जो 75 साल से ऊपर के बुजर्ग हैं उन्हें आय़कर भरने की जरूरत नहीं है, जो बैंक है वो आयकर में टैक्स डिटेक्ड कर लेता है।
कोरोना महामारी के बाद दुनियाभर में नई चीजें पैदा होने वाली हैं जिसमें भारत की भूमिका अग्रणी होगी। इसमें टैक्स सिस्टम में सुधार होना चाहिए औऱ टैक्स पेयर पर भी ज्यादा भार नहीं पड़ना चाहिए। डायरेक्ट सिस्टम में टैक्स पेयर के लिए हम घोषणा करते हैं। डिविटेंड टैक्स सिस्टम भी कम किया था जो दुनिया में सबसे कम है। 2020 में आयकर दाताओं की संख्या में अभूतपूर्व इजाफा हुआ। इसके सरलीकरण की दिशा में कुछ घोषणाए हैं। आजादी के 75वें साल में जब हम नई ऊर्जा से काम कर रहे हैं। जो 75 साल से ऊपर के बुजर्ग हैं उन्हें आय़कर भरने की जरूरत नहीं है, जो बैंक है वो आयकर में टैक्स डिटेक्ड कर लेता है।
15वें वित्त आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
वित्तीय आयोग की जो सिफारिशें है उसमें भी राज्य जो खर्च कर सकते हैं, हम उसमें सुधार ला रहे हैं। राज्यों से हम अपेक्षा कर रहे हैं कि 2023 तक वो राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3 फीसदी तक ले आएं। फुट सब्सिडी के तहत एफसीआई को जो लोन दिया गया है हम उसको बजट प्रावधानों के तहत ले आएंगे। एफआरबीएम एक्ट में हम संशोधन पेश करेंगे। 9 दिसंबर 2020 को 15वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट दे दी है जो 2021 से 2015 के कार्यकाल को कवर करती है। इसमें कहा गया है कि राज्यों को 41 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा हम इसका पालन करेंगे। जम्मू कश्मीर और लद्दाख को जो अब फंड दिया जाएगा वो केंद्र देगा- वित्त मंत्री
जो आने वाली जनगणना होगी वो भारतीय इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी। चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए हम स्पेशल योजना की शुरूआत करेंगे। इस साल की शुरूआत में जो हमें राजस्व मिलना था जो वो कोविड के कारण नहीं मिला। हमें पैसा विभिन्न वर्गों के लिए खर्च करना पड़ा। हमने मध्यम श्रेणी के कई पैकेज घोषित किए जिसमें समाज के अलग-अलग वर्ग शामिल थे। जब लॉकडाउन खत्म हुआ तो तब हमने तय किया कि सरकार के खर्च बढ़ाएं जाएं। 34.5 लाख करोड़ रुपये हमें इस तरह सरकारी खर्च में खर्च कर चुके हैं। 2020 में जीडीपी का 9.5 फीसदी राजकोषीय घाटा होने की बात कही जा रही है।
जो आने वाली जनगणना होगी वो भारतीय इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी। चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए हम स्पेशल योजना की शुरूआत करेंगे। इस साल की शुरूआत में जो हमें राजस्व मिलना था जो वो कोविड के कारण नहीं मिला। हमें पैसा विभिन्न वर्गों के लिए खर्च करना पड़ा। हमने मध्यम श्रेणी के कई पैकेज घोषित किए जिसमें समाज के अलग-अलग वर्ग शामिल थे। जब लॉकडाउन खत्म हुआ तो तब हमने तय किया कि सरकार के खर्च बढ़ाएं जाएं। 34.5 लाख करोड़ रुपये हमें इस तरह सरकारी खर्च में खर्च कर चुके हैं। 2020 में जीडीपी का 9.5 फीसदी राजकोषीय घाटा होने की बात कही जा रही है।
चौथे खंभे की बात करते हैं जिसमें हाल ही में नई शिक्षा नीति की घोषणा की है। जिनमें 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे जिसके लिए प्राइवेट और एनजीओ की मदद ली जाएगी। हैदराबाद में जैसे 40 तरह के अलग-अलग संस्थान हैं, हम इस बात की कोशिश करेंगे की इनमें आपसी तालमेल बेहतर हो इसके लिए हम अंब्रैला बॉडी बनाएंगे। पिछली जाति और जनजातियों के लिए हम बेहतर व्यवस्था बनाएंगे। इसके लिए पहाड़ी इळाकों तथा आदिवासी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बज़ट रखा जाएगा
चौथे खंभे की बात करते हैं जिसमें हाल ही में नई शिक्षा नीति की घोषणा की है। जिनमें 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे जिसके लिए प्राइवेट और एनजीओ की मदद ली जाएगी। हैदराबाद में जैसे 40 तरह के अलग-अलग संस्थान हैं, हम इस बात की कोशिश करेंगे की इनमें आपसी तालमेल बेहतर हो इसके लिए हम अंब्रैला बॉडी बनाएंगे। पिछली जाति और जनजातियों के लिए हम बेहतर व्यवस्था बनाएंगे। इसके लिए पहाड़ी इळाकों तथा आदिवासी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बज़ट रखा जाएगा
वन नेशन- वन राशन कार्ड
1 हजार से ज्यादा मंडियों को ई-नैब से जोड़ा जाएगा तांकि इसमें और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके। आधुनिक मछली पालन के हार्बर बनाए जाएंगे जिसमें पैसा खर्च किया जाएगा। पांच जगह इस तरह का काम होगा। नदियों के किनारे भी इस तरह का कार्य हो सके, खरीद हो सके उसके लिए हब बनाए जाएंगे। प्रवासी मजदूरों की बात है तो हमने एक देश एक राशन कार्ड की व्यसव्था की है।इससे प्रवासी जो शहरों में रहते हैं उन्हें फायदा मिलेगा। उनके परिजन अपने हिस्से का गांव से राशन ले सकेंगे जबकि अन्य जहां रह रह हैं वहां से ले सकेंगे।- वित्त मंत्री
दिया कृषि के आंकड़ों का हवाला
दलहन की खरीद में 2013-14 की तुलना में अब 40 गुना से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह कपास की खरीद में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल की शुरूआत में पीएम मोदी ने स्वामित्व योजना की शुरूआत की थी। 241 गांवों में 1 लाख से ज्यादा लोगों को उनकी जमीन का पट्टा दिया गया। किसानों को और ज्यादा फायदा दिलाने के लिए इस साल 16.5 लाख करोड़ रखे जाने का प्रस्ताव है। 30 हजार करोड़ की जगह 40 हजार करोड़ रुपये ग्रामीण आधारभूत ढांचे के लिए रखे जाएंगेः वित्त मंत्री
व्यापार में सुगमता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए हम प्रय़ास कर रहे हैं कि इसके लिए एक अलग सिस्टम बनाया जाए। किसानों के हितों की चिंता की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा तथा प्रवासी मजदूरों की चिंता की जाएगी। एमएसपी पर कई परिवर्तन हुए हैं। एमएसपी के तहत जो जिंस हम खरीदते हैं उस में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 2013 से 2014 में जो आंकड़ा दे रही हूं उसे सभी को सुनना चाहिए। 2020 में गेहूं की खरीद पर 620000 करोड़ खर्च हुए जो 2014 में इसका आधा थे और 2020-21 में यह बढ़कर 75 हजार करोड़ से अधिक हो गया। इसी तरह धान की खरीद में भी तेजी तर्ज हुई और खरीद का कार्य अभी भी चल रहा है।
व्यापार में सुगमता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए हम प्रय़ास कर रहे हैं कि इसके लिए एक अलग सिस्टम बनाया जाए। किसानों के हितों की चिंता की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र का विकास होगा तथा प्रवासी मजदूरों की चिंता की जाएगी। एमएसपी पर कई परिवर्तन हुए हैं। एमएसपी के तहत जो जिंस हम खरीदते हैं उस में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 2013 से 2014 में जो आंकड़ा दे रही हूं उसे सभी को सुनना चाहिए। 2020 में गेहूं की खरीद पर 620000 करोड़ खर्च हुए जो 2014 में इसका आधा थे और 2020-21 में यह बढ़कर 75 हजार करोड़ से अधिक हो गया। इसी तरह धान की खरीद में भी तेजी तर्ज हुई और खरीद का कार्य अभी भी चल रहा है।
सरकारी बैंकों के लिए 20 हजार करोड़ का इंतजाम, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे। हम रणनीतिक विनिवेश की बात करते रहे हैं। इस वित्त वर्ष में हम एलआईसी का आईपीओ लेकर आएंगे। हमने पहले भी आत्मनिर्भर पैकेज के तहत कहा था कि हम स्ट्रैटेजिक रणनीति के तहत आगे बढ़ेंगे। विनिवेश गति को तेज करने के लिए हमने नीति आयोग को कहा है कि वो ऐसी कंपनियों की लिस्ट दे जहां विनिवेश किया जा सके।
सरकारी बैंकों के लिए 20 हजार करोड़ का इंतजाम, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे। हम रणनीतिक विनिवेश की बात करते रहे हैं। इस वित्त वर्ष में हम एलआईसी का आईपीओ लेकर आएंगे। हमने पहले भी आत्मनिर्भर पैकेज के तहत कहा था कि हम स्ट्रैटेजिक रणनीति के तहत आगे बढ़ेंगे। विनिवेश गति को तेज करने के लिए हमने नीति आयोग को कहा है कि वो ऐसी कंपनियों की लिस्ट दे जहां विनिवेश किया जा सके।
बैंक प्रणाली में सधार जरूरी- सीतारमण
1938 के इंश्योरेंस एक्ट में भी संशोधन की बात है। बीमा कंपनियों में एफडीआइ 74 फीसद तक करने का प्रावधान। अभी यह 49 फीसद है। इसमें विदेशी कंपनियों को भी ऑनरशिप के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा वो भी तब जब बोर्ड में 50 फीसदी मालिकाना हक भारतीय का हों।। बैंक बुक्स को भी क्लीयर करने की जरूरत है क्योंकि एनपीए को जो दबव उन पर है वो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। कुछ ऐसे उपाय करने की जरूरत है जिससे बैंक के बहीखाते ठीक हो सके। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में सुधार के लिए कुछ पूजी इस वित्त वर्ष में लगाई जाएगी: वित्त मंत्री
भारत ने कोविड काल में ईंधन की सप्लाई सबको पहुंचती रही इसका ध्यान रखा। उज्जवला स्कीम से 8 लोगों को फायदा हुआ है और इसमें 1 करोड़ लोगों को और जोड़ा जाएगा। 3 साल में हम 100 नए जिलों को जोड़ेंगे जहां पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंच सकेगी। जम्मू कश्मीर में भी गैस पाइप लाइन प्रोजक्ट की शुरूआत होगी। एक स्वतंत्र गैस सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी। सेबी एक्ट में भी कुछ बदलाव की बात है। अलग-अलग एक्ट को एक एक्ट में लाने की बात है।
भारत ने कोविड काल में ईंधन की सप्लाई सबको पहुंचती रही इसका ध्यान रखा। उज्जवला स्कीम से 8 लोगों को फायदा हुआ है और इसमें 1 करोड़ लोगों को और जोड़ा जाएगा। 3 साल में हम 100 नए जिलों को जोड़ेंगे जहां पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंच सकेगी। जम्मू कश्मीर में भी गैस पाइप लाइन प्रोजक्ट की शुरूआत होगी। एक स्वतंत्र गैस सिस्टम की भी व्यवस्था की जाएगी। सेबी एक्ट में भी कुछ बदलाव की बात है। अलग-अलग एक्ट को एक एक्ट में लाने की बात है।
रेलवे के आधारभूत ढांचे में सुधार लाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।पीपीपी मॉडल पर कुछ रूट्स पर काम हो रहा है। 2030 को ध्यान में रखते हुए नेशनल रेल प्लान पर काम हो रहा है। पर्यटन वाले रूट पर नए और आधुनिक रेल कोच लगाए जाएंगे। 11000 करोड़ रुपये पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर खर्च होंगे। 27 शहरों में 1016 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर काम चल रहा है।
रेलवे के आधारभूत ढांचे में सुधार लाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।पीपीपी मॉडल पर कुछ रूट्स पर काम हो रहा है। 2030 को ध्यान में रखते हुए नेशनल रेल प्लान पर काम हो रहा है। पर्यटन वाले रूट पर नए और आधुनिक रेल कोच लगाए जाएंगे। 11000 करोड़ रुपये पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर खर्च होंगे। 27 शहरों में 1016 किलोमीटर मेट्रो लाइन पर काम चल रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग का किया जिक्र
राष्ट्रीय राजमार्ग योजनाओं के तहत 1100 किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे वर्क्स केरल में होगा। इस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर इसका हिस्सा होगा। वहीं, 6500 किलोमीटर हाईवे बंगाल में बनाया जाएगा। इस पर 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें कोलकाता-सिल्लीगुड़ी रोड का सुधार भी शामिल है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत 3 हजार किलोमीटर से ज्यादा बन चुके हैं। 8 हजार किलोमीटर का कॉन्ट्रैक्ट मार्च तक दिया जाएगा- वित्त मंत्री
किया कोविड वैक्सीन का जिक्र
हमने कोविड-19 के विरूद्ध नागरिकों को चिकित्सा की दृष्टि से सुरक्षित करना शुरू किया, जिसकी बदौलत आज भारत के पास दो कोविड वैक्सीन उपलब्ध है। हमने 100 या उससे भी अधिक देश के लोगों को कोविड के विरूद्ध सुरक्षा मुहैया कराई, पीएम ने वैज्ञानिकों को श्रेय देते हुए इस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया: वित्त मंत्री
स्वास्थ्य का बजट बढ़ाया गया- वित्त मंत्री
स्वास्थ्य का बजट बढ़ाकर 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.34 लाख करोड़ किया गया जिसमें 135 फीसदी की बढोत्तरी की गई है। आत्मनिर्भर उत्पादन पर आधारित प्रोत्साहन देने की योजना। हम निर्माण के क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं। इससे ग्लोबल निर्माण चैपिंयन तो बनेंगे और साथ में बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरियां भी मिल सकेंगी- निर्मला सीतारमण
हम अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं- वित्त मंत्री
यह इस दशक का पहला डिजिटल बजट है। अब तक सिर्फ तीन बार बजट में बताया गया कि अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ है। इस बार ऐसा ग्लोबल महामारी के कारण हुआ है। लेकिन मैं आश्वस्त हूं कि हम इकॉनमी को पटरी पर लाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे- वित्त मंत्री
6 स्तंभों पर टिका है बजट- निर्मला सीतारमण
बीमारी पर नियंत्रण के लिए नेशनल हेल्थ सेंटर को और बेहतर बनाएंगे। 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट खोलेंगे। आज का बजट 6 स्तंभों पर टिका है। हमारी कोई होगी कि पहले कोई बीमारी ना फैले अगर फैले तो इसका बेहतर इलाज हो। हर जिले में इंटीग्रेट लैब की स्थापना होगी। हेल्थ सेक्टर का बजट बढ़ाया गया। देश में सबको साफ पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है- वित्त मंत्री
सरकार की उपलब्धियों का किया जिक्र
80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांटा गया। कोरोना संकट में रिजर्व बैंक ने 27 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया। पीएम गरीब कल्याण योजना कोरोना काल के दौरान लाई गई। कोरोना काल के दौरान 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बाटा गया। इस संकट से निकलने के लिए समाज के हर तबके ने योगदान दिया। सांसदों औऱ विधायकों ने वेतन दान दिया। यह बजट सबके लिए एक आपदा में अवसर के रूप में आ रहा है जो विकास के लिए भी जरूरी है। इस साल कई मायनों में महत्वपूर्ण है जैसे, 75 साल हो रहे हैं भारत और पाकिस्तान के युद्ध के, ब्रिक्स की अध्यक्षता भी भारत कर रहा है, इस साल कुंभ भी हो रहा है- निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री का भाषण शुरू
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण शुरू हो गया है। इस दौरान उन्होंने कहा, 'निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछला साल देश के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा, ऐसे में ये बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब काफी संकट है। कोरोना काल के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गरीबों को गैस, राशन की व्यवस्था दी गई। संकट के इस समय में हम कई महत्वपूर्ण फैसले लिए और आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत 2.76 लाख करोड़ का पैकेज दिया गया। '
काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे विपक्षी सांसद
अपना विरोध जताने के लिए कांग्रेस के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। कांग्रेस सांसद जरबीस सिंह गिल तथा गुरजीत काला गाउन पहनकर संसद पहुंचे और तीन काले किसानों के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। इस दौरान उनके गाउन पर किसानों के समर्थन में स्लोगन भी लिखा हुआ था।
राहुल गांधी ने किया ट्वीट
कांग्रेस सांसद और नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'बजट 2021 में शामिल होना चाहिए: एमएसएमई को समर्थन, किसानों और श्रमिकों के लिए रोजगार पैदा हों। जान बचाने के लिए हेल्थकेयर खर्च बढ़ाएं। सीमाओं की सुरक्षा के लिए रक्षा खर्च बढ़ाएं।'
ओम बिड़ला पहुंचे संसद
लोकसभा पहुंचे स्पीकर ओम बिड़ला, कुछ ही देर में पेश होगा बजट। निर्मला सीतारमण यह अपना तीसरा बजट संसद में पेश करेंगी जबकि मोदी सरकार का यह नौंवा बजट होगा। कोरोना महामारी के संकट के बाद का यह पहला बजट है। इसलिए कोविड-19 के संकट से बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने वाले इस बजट से आम जनता से लेकर कॉरपोरेट तक की उम्मीदें जुड़ी होंगी।
कैबिनेट की बैठक शुरू
आम जनता से कॉरपोरेट तक की निगाहें
कोरोना महामारी की मार से चरमराई आर्थिक गतिविधियों को इस बजट के जरिए तेज करने की कोशिश होगी जिससे देश की आर्थिक विकास को रफ्तार दिया जा सके। बकौल वित्त मंत्री यह बजट ऐसा होगा जैसा बीते 100 साल में देश ने नहीं देखा होगा। इस प्रकार, सदी के सबसे अच्छे बजट से बाजार को भी काफी उम्मीदें होंगी और वित्तमंत्री के बजट भाषण के दौरान की जाने वाली घोषणाओं पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
मनीष तिवारी बोले- 1991 के बाद यह देश का महत्वपूर्ण बजट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने भी आम बजट को लेकर ट्वीट करते हुए कहा, '1991 के बाद यह सबसे महत्वपूर्ण बजट है। जीडीपी लगातार गिर रही है। मुझे उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है। हालाँकि अगर आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कुछ भी हो सकता है, तो आप किसी भी सब्सटेंस के फ्लफ सेंस का टॉकथॉन हो सकते हैं।'
राष्ट्रपति को सौंपी पहली प्रति
बजट पेश होने से पहले कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश होने से पहले सोमवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए 'सोच और क्रियान्वयन की गतिहीनता' से बाहर निकलकर लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने और सार्थक परिणाम देने की चुनौती है ।पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'क्या 'अधिकतम नारा, न्यूनतम काम' वाली सरकार बजट -2021 को लेकर भारत की उम्मीदों पर खरा उतर पाएगी? वित्त मंत्री के लिए ‘सोच और क्रियान्वयन की गतिहीनता’ से बाहर निकलकर लोगों को सार्थक परिणाम देने की चुनौती है।'
वित्त मंत्रालय से रवाना हुईं निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्रालय पहुंची निर्मला सीतारमण
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे- अनुराग ठाकुर
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर बोले- 'मोदी सरकार में वित्त मंत्री का ये बजट जनता की उम्मीदों के अनुसार होगा। सबका साथ, सबका विकास और विश्वास के मूलमंत्र के साथ चलने वाली मोदी सरकार ने महामारी के समय आत्मनिर्भर पैकेज देकर भारत को एक नई दिशा दी और अर्थव्यवस्था को तेज़ी से पटरी पर भी लाए। इस बजट में भी हम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में भारत लगातार आगे बढ़े इस दिशा में हमारा प्रयास रहेगा।'
देश को हैं बहुत सी उम्मीदें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को अपने वादे का ‘अलग हटके’ बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट से उम्मीद की जा रही है कि इसमें महामारी से पीड़ित आम आदमी को राहत दी जायेगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे और रक्षा पर अधिक खर्च के माध्यम से आर्थिक सुधार को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिये जाने की भी उम्मीद की जा रही है।

