UP में किरायेदारों के लिए बड़ी राहत! मकान-दुकान का किराया होगा सस्ता

उत्तर प्रदेश के किरायेदारों और मकान मालिकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब रेंट एग्रीमेंट पर लगने वाला भारी-भरकम स्टांप शुल्क घटाकर बेहद कम कर दिया गया है, जिससे कानूनी दस्तावेज बनवाना बेहद आसान हो गया है।

उत्तर प्रदेश में मकान, दुकान या गोदाम किराये पर लेने और देने वाले आम नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा फैसला लिया गया है। अब राज्य में रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement) बनवाना और उसका कानूनी पंजीकरण (Registration) कराना पहले के मुकाबले बेहद सस्ता और आसान हो गया है। लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि भारी-भरकम स्टांप शुल्क और जटिल नियमों के डर से लोग औपचारिक अनुबंध कराने से बचते थे और सिर्फ 100 रुपये के सादे कागज पर मौखिक या अनौपचारिक समझौता कर लेते थे। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने पुरानी और पेचीदा व्यवस्था को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है और इसकी जगह बेहद पारदर्शी और फिक्स्ड स्लैब लागू कर दिए हैं।

Rent Agreement

मकान-दुकान का किराया होगा सस्ता

अबतक इतना लगता था सरल रेट

अबतक की पुरानी व्यवस्था के तहत रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए प्रॉपर्टी के सर्किल रेट के चार गुना मूल्य पर चार प्रतिशत का शुल्क चुकाना पड़ता था, जो आम जनता और छोटे कारोबारियों की जेब पर एक भारी आर्थिक बोझ की तरह था। उदाहरण के लिए, यदि किसी मकान का सालाना किराया दो लाख रुपये था, तो पुराने नियमों के हिसाब से एग्रीमेंट कराने पर लगभग 32,000 रुपये तक का स्टांप शुल्क देना पड़ जाता था। इस भारी खर्च से बचने के लिए लोग कानूनी सुरक्षा से दूर रहते थे, लेकिन अब सरकार ने इस फॉर्मूले को पूरी तरह बदल दिया है। नए नियमों के लागू होने के बाद, दो लाख रुपये तक के वार्षिक किराये वाले एग्रीमेंट पर अब मात्र 1,000 रुपये का ही स्टांप शुल्क देना होगा, जो कि जनता के लिए एक बहुत बड़ी राहत है।

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