US IRAN WAR : नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत वैश्विक बाजारों के लिए राहतभरी रही। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी कोई बड़ा सैन्य हमला नहीं हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई। इसका असर सीधे कच्चे तेल के बाजार पर दिखा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 6% तक गिर गईं। तेल बाजार पिछले कई हफ्तों से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से दबाव में था। लेकिन अब युद्धविराम की कोशिशों और बातचीत की खबरों ने निवेशकों की चिंता कुछ कम कर दी है।
क्रूड के दाम लुढ़के
क्यों सस्ता हुआ कच्चा तेल?
अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों से हमले रुके हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि फिलहाल बातचीत को मौका दिया जा रहा है। दूसरी ओर ईरान ने भी कहा है कि उसने हाल के दिनों में कोई नया हमला नहीं किया। सोमवार सुबह कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 92.71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। यह पिछले बंद भाव 98.38 डॉलर से 5.67 डॉलर यानी 5.77% नीचे था। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 85.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 5.79% की गिरावट दर्शाता है।
| कमोडिटी | मौजूदा भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| ब्रेंट क्रूड | 92.71 डॉलर/बैरल | -5.77% |
| डब्ल्यूटीआई क्रूड | 85.23 डॉलर/बैरल | -5.79% |
| सोना | 4,104.65 डॉलर | +1.30% |
होर्मुज और लाल सागर में शांति
दुनिया की करीब 30 फीसदी ऑयल और गैस सप्लाई होर्मुज (Hormuz) और बाब अल मंडेब से गुजरती है। इस युद्ध की वजह से इन दोनों रास्तों के बंद हो गए थे, जिसकी वजह से क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था। बहरहाल, दोनों ही रास्तों पर शांति है। हालांकि, शिप ट्रैफिक अब भी सामान्य नहीं है। अब दोनों देशों के बीच बातचीत में इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही आसान बनाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। अगर इस पर सहमति बनती है तो तेल बाजार को और राहत मिल सकती है।
बातचीत से उम्मीद, पर खतरा बरकरार
भले ही दोनों देशों ने हमले रोक दिए हैं। लेकिन, किसी स्थायी समझौते की घोषणा नहीं हुई है। परमाणु कार्यक्रम समेत कई बड़े विवादित मुद्दे अब भी बाकी हैं। इसलिए बाजार पूरी तरह निश्चिंत नहीं हुआ है। अगर युद्धविराम कायम रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। लेकिन अगर तनाव फिर बढ़ता है तो कीमतों में दोबारा तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
ट्रंप से मिलेंगे नेतन्याहू
इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिका जाएंगे और राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की ट्रंप की कोशिशों का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिना बड़े युद्ध के यह लक्ष्य हासिल हो जाता है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने दोबारा इजराइल पर हमला किया या अपने सहयोगी संगठनों के जरिए हमला कराया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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