ट्रंप को बड़ा झटका: अमेरिकी कोर्ट ने कंपनियों को टैरिफ रिफंड का दिया आदेश, जानें भारत को कितना फायदा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका कोर्ट से लगा है। कोर्ट ने ट्रंप द्वारा देशों पर लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है जिसके बाद अब ट्रंप को 14.5 लाख करोड़ रुपए रिफंड करने का आदेश दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों को कोर्ट ने एक के बाद एक दो बड़े झटके दिए हैं। पहले सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 'इमरजेंसी टैरिफ' (आयात शुल्क) को गैरकानूनी करार दिया और अब यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने उन कंपनियों को पैसा वापस करने का आदेश दे दिया है, जिनसे जबरन टैक्स वसूला गया था। यह आदेश उन सभी कंपनियों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है, जिन्होंने पिछले साल ट्रंप प्रशासन के विवादास्पद टैरिफ का भुगतान किया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन भी आयातकों ने IEEPA कानून के तहत शुल्क चुकाया था, वे अब रिफंड पाने के हकदार हैं। ऐसे में आइए बताते हैं ट्रंप को कितना टैरिफ रिफंड करना होगा?

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175 अरब डॉलर करने होंगे वापस

इस पूरे विवाद की जड़ ट्रंप द्वारा पिछले साल अप्रैल में लगाए गए “लिबरेशन डे” टैरिफ हैं। उस समय ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन समेत कई देशों पर 10% से लेकर 50% तक का भारी आयात शुल्क थोप दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि IEEPA कानून राष्ट्रपति को इस तरह के मनमाने टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता। इस फैसले से सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि अब उसे करीब 175 अरब डॉलर रिफंड के रूप में लौटाने पड़ सकते हैं। हालांकि रिफंड की प्रक्रिया अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन FedEx जैसी बड़ी कंपनियों से लेकर छोटे व्यवसायों तक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाना शुरू कर दिया है।

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