Bharat Coking Coal Listing भारत के प्राइमरी मार्केट के इतिहास में आवेदनों की संख्या के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा PSU पब्लिक इश्यू है। इस IPO को रिकॉर्ड 143.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और 90 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। ₹1,071 करोड़ के (IPO) को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिलने के बाद, कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के शेयरों ने घरेलू शेयर बाजारों में मजबूत शुरुआत की और स्ट्रीट की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया।
धांसू लिस्टिंग (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)
BCCL के शेयर BSE पर ₹45.21 पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस ₹23 प्रति शेयर से 96.57% ज़्यादा है, जिससे कंपनी की वैल्यू ₹21,054.30 हो गई। कोयला माइनिंग कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹358.59 करोड़ बढ़ गया, और शुरुआती ट्रेड में 61 करोड़ से ज्यादा शेयरों की खरीद-फरोख्त हुई।
सब्सक्रिप्शन ने दिखाया दम
Bharat Coking Coal IPO को कुल 143.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो इश्यू की डिमांड को साबित करता है। सबसे ज्यादा 310.81 गुना सब्सक्रिप्शन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की तरफ से देखने को मिला। इसके बाद नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की तरफ से 240.49 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, रिटेल कैटेगरी में कुल 49.37 गुना सब्सक्रिप्शन देखने को मिला। इतने दमदार सब्सक्रिप्शन के साथ ही पूरे समय लगातार GMP भी 60% के करीब लिस्टिंग गेन का इशारा करता रहा।
IPO पूरी तरह OFS
BCCL IPO का साइज ₹1,071.11 करोड़ का था। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) बेस्ड था। इसका मतलब यह है कि इस इश्यू से कंपनी के पास नई पूंजी नहीं मिली, बल्कि मौजूदा शेयरधारक (कोल इंडिया) ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। IPO का इश्यू प्राइस ₹23 प्रति शेयर तय किया गया और रिटेल के लिए लॉट साइज 600 शेयर का रखा गया है, यानी न्यूनतम निवेश करीब ₹13,800 का था।
1 लॉट पर कितना मुनाफा हुआ?
रिटेल कैटेगरी में 600 शेयर का लॉज साइज रखा गया। इसके अलावा शेयरों प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये रखा गया। रिटेल कैटेगरी में 23 रुपये पर 13,800 रुपये में 600 शेयर अलॉट हुए और ₹45.21 पर लिस्ट हुए। इस तरह प्रत्येक शेयर पर 22.21 रुपये का लिस्टिंग गेन हुआ है। इस तरह एक लॉट पर 13,326 रुपये का प्रॉफिट हुआ है।
कोकिंग कोल में बड़ा नाम
Bharat Coking Coal असल में कोल इंडिया की सहायक कंपनी है। यह देश में कोकिंग कोल प्रोडक्शन का सबसे बड़ी सप्लायर है। कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल माइंस हैं । वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में कंपनी 58.50% हिस्सेदारी रखती है। ऑपरेशन मुख्य रूप से झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज बेल्ट में फैला हुआ है।
फाइनेंशियल्स मजबूत
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा है। कंपनी की कुल आय ₹14,401.63 करोड़ और PAT ₹1,240.19 करोड़ रहा है। वहीं, 30 सितंबर, 2025 तक के आंकड़ों में PAT ₹123.88 करोड़ रहा, जिससे पता चलता है कि हालिया तिमाहियों में प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ा है।
इश्यू में नहीं मिले शेयर तो क्या करें?
अगर आपने भी BCCL IPO के एप्लाई किया और अलॉटमेंट नहीं मिला है, तो लिस्टिंग बाद शेयर खरीदे जा सकते हैंं। हालांकि, खरीदारी से किसी सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें। इसके अलावा एंकर इन्वेस्टर्स के 90 दिन के लॉक इन पीरियड के खत्म होने का इंतजार भी कर सकते हैं, क्योंकि अक्सर शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ने पर प्राइस कम होता है। लिहाजा लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए यह एक मौका हो सकता है।
