ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदना आज के समय में पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। कुछ मिनट में अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी, प्रीमियम और कवरेज की तुलना की जा सकती है। लेकिन ऑनलाइन बीमा लेते समय केवल स्क्रीन पर दिखाई दे रहे शुरुआती प्रीमियम को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। कई वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे डिजाइन या तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं, जो ग्राहक को किसी खास ऑप्शन पर आने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। इन्हें ‘डार्क पैटर्न’ कहा जाता है।
ऑनलाइन इंश्योरेंस ले रहे हैं तो इन डार्क पैटर्न पर जरूर दें ध्यान (Photo: iStock)
ऑनलाइन इंश्योरेंस ले रहे हैं तो इन 6 डार्क पैटर्न पर दें ध्यान
IRDAI ने ऑनलाइन इंश्योरेंस में ऐसे तरीकों को रोकने के लिए प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक ग्राहकों को पर्सनल डिटेल दिए बिना भी प्रोडक्ट, कीमत और जरूरी जानकारी आसानी से मिलनी चाहिए।
आइए जल्दी से जान लेते हैं कि ऑनलाइन इंश्योरेंस को लेकर किन डार्क पैटर्न की पहचान करना जरूरी है-
फोर्स्ड एक्शन: कई बार कोटेशन देखने से पहले नाम, मोबाइल नंबर या ईमेल जैसी जानकारी देना जरूरी कर दिया जाता है। इससे ग्राहक को सिर्फ कीमत जानने के लिए भी अपनी निजी जानकारी साझा करनी पड़ सकती है।
नैगिंग: पॉलिसी खरीदने या आगे बढ़ने के लिए बार-बार कॉल, मैसेज, पॉप-अप या रिमाइंडर दिखाए जा सकते हैं। इसका मकसद ग्राहक को लगातार खरीदारी की प्रक्रिया में बनाए रखना हो सकता है।
बेट एंड स्विच: स्क्रीन पर शुरुआत में बेहद कम प्रीमियम दिख सकता है, लेकिन आगे बढ़ने पर पॉलिसी की कीमत या शर्तें अलग नजर आ सकती हैं। इसलिए शुरुआती कीमत को अंतिम कीमत न मानें।
सब्सक्रिप्शन ट्रैप: कुछ सेवाओं को लेने के बाद उन्हें बंद करना या किसी अतिरिक्त सुविधा को हटाना आसान नहीं होता। खरीदारी से पहले कैंसिलेशन और रिन्यूअल की शर्तें जरूर देखें।
प्राइवेसी जुकरिंग: जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी मांगना भी चिंता का विषय हो सकता है। बीमा खरीदते समय देखें कि कौन-सी जानकारी मांगी जा रही है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाएगा।
ड्रिप प्राइसिंग: शुरुआत में दिखाई गई कीमत में सभी शुल्क शामिल नहीं हो सकते। खरीदारी के अंतिम चरण में अतिरिक्त चार्ज सामने आ सकते हैं। इसलिए भुगतान से पहले कुल रकम जांचें।
ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी न खरीदें। कवरेज, एक्सक्लूजन, ऐड-ऑन, रिन्यूअल, कैंसिलेशन और सभी शुल्क को ध्यान से पढ़ें। अगर कोई वेबसाइट जरूरी जानकारी देने से पहले निजी डिटेल मांगती है या लगातार खरीदारी के लिए दबाव बनाती है, तो सावधानी बरतें। ऑनलाइन इंश्योरेंस लेते समय जल्दबाजी के बजाय पूरी जानकारी के आधार पर फैसला करना जरूरी है।
