Bank Se Judi Khabren: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को कहा कि 2030 तक एसबीआई और देश के दो बड़े प्राइवेट बैंक बाजार पूंजीकरण (market capitalization) के आधार पर दुनिया के टॉप-10 बैंकों में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर से ऊपर चला गया है।
एसबीआई, दो प्राइवेट बैंक वर्ष 2030 तक टॉप-10 वैश्विक बैंकों में शामिल होंगेः भारतीय स्टेट बैंक चेयरमैन सी एस शेट्टी (तस्वीर-istock)
प्राइवेट बैंकों का भी है मजबूत प्रदर्शन
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक शेट्टी ने कहा कि यह सिर्फ SBI नहीं है, बल्कि दो प्रमुख प्राइवेट बैंक भी इस रास्ते पर हैं। हालांकि उन्होंने प्राइेट बैंकों के नाम नहीं बताए। फिलहाल HDFC बैंक 15.11 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्यांकन के साथ देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है, जबकि ICICI बैंक 9.59 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ दूसरे स्थान पर है। SBI का बाजार पूंजीकरण इस समय 8.82 लाख करोड़ रुपये है।
वैश्विक स्तर पर SBI की स्थिति
संपत्तियों के मामले में SBI भारत का सबसे बड़ा बैंक है और वैश्विक स्तर पर यह 43वें स्थान पर है। शेट्टी ने कहा कि बैंक ने पहले ही 2030 तक टॉप-10 वैश्विक बैंकों में शामिल होने का लक्ष्य तय किया था।
बैंकिंग सेक्टर में बड़े बैंक की जरुरत
शेट्टी का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार कुछ बैंकों को मिलाकर बड़े और मजबूत बैंक बनाने पर जोर दे रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा है कि देश को विश्वस्तरीय बड़े बैंक की जरुरत है।
पूंजी स्थिति मजबूत करने का उद्देश्य
SBI ने हाल ही में 25,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। शेट्टी ने बताया कि इसका उद्देश्य सिर्फ वृद्धि के लिए पैसे जुटाना नहीं है, बल्कि बैंकिंग उद्योग को भरोसा देना है कि SBI की पूंजी स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि साल के अंत तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात 15 प्रतिशत से अधिक रहेगा और टियर-1 पूंजी स्तर 12 प्रतिशत के ऊपर रखा जाएगा।
नई प्रतिभा और तकनीकी अनुकूलन
शेट्टी ने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग स्नातकों में SBI में नौकरी की रुचि बढ़ रही है। इससे बैंक को तकनीक अपनाने और नई प्रतिभा को तेजी से कार्यक्षेत्र में लाने में मदद मिली है।
