Average Rents Increased In India: देश के प्रमुख शहरों में किराए पर रहना महंगा हो गया है। बेंगलुरु से लेकर नवी मुंबई तक प्रमुख शहरों में किराए में 8.1 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इस बात का खुलासा मैजिकब्रिक्स (Magicbricks) की एक ताजा रिपोर्ट में हुआ है। मैजिकब्रिक्स के 2023 की अप्रैल-जून तिमाही के रेंटल इंडेक्स के मुताबिक तिमाही दर तिमाही आधार पर यानी जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले भारत के प्रमुख 13 शहरों में किराए के घरों की मांग (Rental Demand) में 18.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं किराए के मकानों की सप्लाई में 9.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही किराए में 4.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।
भारत में घरों का औसत किराया बढ़ा
किन शहरों में घटा किराया
रिपोर्ट के अनुसार 2 करोड़ यूजर्स से मिले डेटा के मुताबिक बेंगलुरु (8.1%), नवी मुंबई (7.3%), और गुरुग्राम (5.1%) जैसे बड़े शहरों में औसत किराए में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई। इसके उलट दिल्ली (- 0.9%) और मुंबई (-0.1%) में किराए में मामूली गिरावट दर्ज हुई।
किस शहर में डिमांड, सप्लाई और किराए कितनी हुई वृद्धि या कमी
| शहर | डिमांड | सप्लाई | रेंट (किराया) |
| अहमदाबाद | 32.2% | 30.1% | 0.0% |
| बेंगलुरु | 12.8% | 23.3% | 8.1% |
| चेन्नई | 17.9% | -3.0% | 1.2% |
| दिल्ली | 18.9% | 11.8% | -0.9% |
| ग्रेटर नोएडा | 41.2% | 16.1% | 3.8% |
| गुरुग्राम | 21.9% | -8.9% | 5.1% |
| हैदराबाद | 22.0% | -2.1% | 4.5% |
| कोलकाता | 14.8% | 7.0% | 2.1% |
| मुंबई | 14.9% | 7.7% | -0.1% |
| नवी मुंबई | 21.8% | 6.2% | 7.3% |
| नोएडा | 27.0% | 3.4% | 1.9% |
| पुणे | 19.3% | 5.3% | 3.7% |
| ठाणे | 9.7% | -2.4% | 1.3% |
क्यों बढ़ी किराए के आवासों की मांग
मैजिकब्रिक्स के सीईओ सुधीर पई के अनुसार बीते साल में प्रमुख भारतीय शहरों में किराये के आवासों की मांग बढ़ी है, जिसके पीछे बड़ा कारण कर्मचारियों और छात्रों का शहरों में वापस लौटना है। ऑफिस कल्चर के फिर से पटरी पर लौटने से ऑफिस के नजदीक आवासों की आवश्यकता को बढ़ावा मिला जबकि एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस में इन-पर्सन एक्टिविटीज शुरू हुईं, जिससे छात्र सिटी सेंटर्स की तरफ से वापस आए हैं।
भारत में घरों का औसत किराया बढ़ा
क्यों बढ़ा किराया
पई के अनुसार जैसे-जैसे प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ी, घर के मालिकों ने किराये की तुलना में प्रॉफिटेबल प्रॉपर्टी की बिक्री के अवसरों का फायदा उठाया, जिससे सप्लाई कम हो गई। इसके नतीजे में कम सप्लाई और हाई डिमांड से प्रमुख भारतीय शहरों में किराए में विशेष रूप से वृद्धि देखने को मिली।
