अगस्त की Salary आते ही तुरंत अलग कर लें इतना पैसा! 50-30-20 रूल से समझें बचत का गणित

नौकरीपेशा लोगों की सैलरी महीने के अंत या महीने की 1 तारीख तक आ जाती है। बैंक अकाउंट में सैलरी क्रेडिट होते ही सबके चेहरों पर खुशी तो आ जाती है लेकिन यह कुछ दिन भर की ही होती है।

August Salary Budgeting: महीने की पहली तारीख नौकरीपेशा लोगों के लिए खास होती है। सैलरी अकाउंट में क्रेडिट होते ही चेहरे पर खुशी आ जाती है। लेकिन अगर महीने की शुरुआत में पैसों का सही प्लान न बनाया जाए तो यही खुशी महीने के आखिरी दिनों तक चिंता में बदल सकती है। किराया, EMI, राशन, बिजली का बिल, बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग और दूसरी जरूरतों में पैसा खर्च होता चला जाता है और आखिर में सेविंग के नाम पर अकाउंट में कुछ खास नहीं बचता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो महीने की शुरुआत में ही सैलरी को अलग-अलग हिस्सों में बांटने का तरीका अपनाया जा सकता है। इसके लिए 50-30-20 Rule एक आसान फॉर्मूला है। पैसों को मैनेज करने का यह फॉर्मूला कैसे काम करता है आइए एक उदाहरण से समझते हैं-

August Salary Budgeting

1 सितंबर को ही बना लें सैलरी का पूरा प्लान (AI Generated Image)

क्या है 50-30-20 Rule?

50-30-20 रूल के मुताबिक आपकी मंथली इनकम का 50 प्रतिशत हिस्सा जरूरतों के लिए, 30 प्रतिशत इच्छाओं के लिए और 20 प्रतिशत बचत या निवेश के लिए रखा जाना चाहिए।

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