Education Loan : आज कई मां-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाएं। लेकिन विदेश में पढ़ाई करना काफी महंगा होता है। ऐसे में एजुकेशन लोन एक बड़ा सहारा बन सकता है, जो परिवारों को वित्तीय राहत देता है और छात्रों को उनके सपनों को साकार करने में मदद करता है। अगर आप अगस्त या सितंबर 2025 में किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो अभी से सही लोनदाता की तलाश शुरू कर दें।
कैसे पाएं सही एजुकेशन लोग
एजुकेशन लोन आवेदन के लिए जरूरी बातें
क्रेडिट स्कोर रखें मजबूत
विदेशी एजुकेशन लोन के लिए स्वीकृति में को-आवेदक (अभिभावक) के क्रेडिट स्कोर की बड़ी भूमिका होती है। 750 या उससे अधिक स्कोर से मंजूरी के मौके बढ़ते हैं और बेहतर ब्याज दर पर सौदा हो सकता है। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड भुगतान करें, नए अनसिक्योर्ड लोन लेने से बचें और समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें।
सही को-आवेदक चुनें
छात्रों की आमदनी या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती, इसलिए बैंक उनके मां-बाप या संरक्षक को को-आवेदक बनाते हैं। ऐसे को-आवेदक को चुनें जिनकी आय स्थिर हो और क्रेडिट स्कोर अच्छा हो। सैलरी पाने वाले मां-बाप आदर्श को-आवेदक होते हैं।
वित्तीय विश्वसनीयता समय रहते बनाएं
लोन के लिए आवेदन से 6-12 महीने पहले से तैयारी शुरू करें। टैक्स रिटर्न में आय सही से दिखाएं, बचत का अनुशासित रिकॉर्ड रखें जैसे एफडी आदि। जब लोन के लिए आवेदन करें, तो यूनिवर्सिटी से स्पष्ट खर्च डिटेल (ट्यूशन, रहन-सहन, यात्रा, बीमा आदि) जरूर प्रस्तुत करें।
ब्याज दर और भुगतान शर्तों को समझें
ब्याज दरों की तुलना करें
एजुकेशन लोन की ब्याज दरें आमतौर पर 8% से 15% के बीच होती हैं। पब्लिक सेक्टर बैंकों की दरें अक्सर प्राइवेट बैंकों से कम होती हैं। कुछ बैंक महिला छात्रों को रियायती दर भी देते हैं। फिक्स और फ्लोटिंग दरों का अंतर समझें। फ्लोटिंग रेट भविष्य में बदल सकती है और EMI पर असर डाल सकती है।
लोन से क्या-क्या खर्च कवर होता है
अधिकतर लोन ट्यूशन के अलावा होस्टल, यात्रा, बीमा, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च भी कवर करते हैं। लेकिन हर बैंक की शर्तें अलग होती हैं, इसलिए ध्यान से पढ़ें कि कहीं कोई जरूरी खर्च लोन में शामिल न हो और आपको अपनी जेब से न देना पड़े।
मोरेटोरियम अवधि को समझें
यह वह समय होता है जब कोर्स खत्म होने के बाद EMI देना शुरू नहीं करना होता, लेकिन उस दौरान ब्याज बढ़ता रहता है। अधिकतर बैंक 6-12 महीने की छूट देते हैं। कुछ बैंक इस दौरान सिंपल इंटरेस्ट भरने की सुविधा देते हैं जिससे आगे की EMI कम हो सकती है।
भुगतान अवधि को समझदारी से चुनें
एजुकेशन लोन की अवधि 15 साल तक हो सकती है। लंबी अवधि से EMI कम होती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ता है। अगर आपकी वित्तीय स्थिति बेहतर हो, तो जल्दी भुगतान करें लेकिन पहले प्रिपेमेंट चार्ज देखना न भूलें।
सही योजना = कम तनाव, उज्जवल भविष्य
सही एजुकेशन लोन न सिर्फ विदेश में पढ़ाई का रास्ता खोलता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि आपके माता-पिता पर ज्यादा बोझ न पड़े। समय रहते सही जानकारी लेकर, दस्तावेज तैयार करके और समझदारी से योजना बनाकर आप लोन के जरिए अपनी पढ़ाई को सफल बना सकते हैं।
आपके संदर्भ के लिए, टॉप 10 ऋणदाताओं द्वारा शिक्षा लोन (Education Loans) पर लेटेस्ट ब्याज दरें यहां दी गई हैं:-
| ऋणदाता | प्रारंभिक दर | स्कीम |
| इंडियन बैंक | 8.20% | एजुकेशन लोन |
| आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड | 9.75% | शिक्षा ऋण -iSMART ब्याज दरें |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 9.00% | यूनियन एजुकेशन प्रीमियर अब्रॉड |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 9.45% | बड़ौदा स्कॉलर - विदेश में प्रीमियर संस्थान को शिक्षा ऋण |
| पंजाब नेशनल बैंक | 10.10% | पीएनबी उड़ान, 10 साल तक के ऋण के लिए निश्चित दर। |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया | 9.40% | एसबीआई ग्लोबल एड-वैंटेज स्कीम |
| केनरा बैंक | 10.25% ^ | दुनिया के चुनिंदा शीर्ष रैंकिंग विश्वविद्यालयों से विदेश में मास्टर डिग्री प्राप्त करने के लिए नई शिक्षा ऋण योजना |
| इंडियन ओवरसीज बैंक | 11.00% | आईओबी-स्कॉलर |
| बैंक ऑफ इंडिया | 10.80% | स्टार एजुकेशन लोन - विदेश में पढ़ाई |
| एक्सिस बैंक लिमिटेड | 13.70% | 7.5 लाख से अधिक शिक्षा ऋण |
बैंकबाजार.कॉम द्वारा संकलित। सबसे कम विज्ञापित दर वाले परिसंपत्तियों के आधार पर टॉप 10 बैंकों पर विचार किया गया। नियम और शर्तें लागू। केवल पात्र उधारकर्ताओं के लिए दरें। सबसे कम दर के लिए संपार्श्विक और अन्य पात्रता मानदंड लागू हो सकते हैं। 10 अप्रैल 2025 को अपडेट किया गया।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल बैंकबाजार.कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी ने लिखी है, यह सिर्फ जानकारी के लिए है, किसी भी तरह का लोन लेने से पहले एक्सपर्ट से संपर्क करें।)
