All Ways To Earn From Share: शेयर बाजार (Share Market) काफी जोखिम वाला निवेश ऑप्शन है। मगर ये भी सच है कि जितना रिटर्न मिलने की उम्मीद यहां रहती है, उतनी कहीं नहीं है। अकसर शेयर 6 महीने या एक साल में ही इतना रिटर्न दे देते हैं, जितना आपको एफडी (FD) जैसे किसी ऑप्शन से कई साल में मिलेगा। दूसरी बात यह भी है कि शेयरों से कमाई सिर्फ रिटर्न से नहीं होती, बल्कि कुछ और भी तरीकों से शेयरों से फायदा मिलता है। आगे जानिए सभी के बारे में।
शेयर से कमाई करने के सभी तरीके
डिविडेंड मिलता है
डिविडेंड का मतलब उस रिवार्ड से है, जो एक कंपनी अपने शेयरधारकों को देती है। डिविडेंड या लाभांश विभिन्न रूपों में जारी किया जा सकता है, जैसे कैश पेमेंट, स्टॉक या किसी अन्य रूप में हो सकता है। अधिकतर यह कैश के रूप में ही दिया जाता है।
बोनस शेयर
अकसर कंपनियां अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर भी देती हैं। ये शेयर फ्री में दिए जाते हैं। बोनस शेयर से आपके पास मौजूद शेयरों की संख्या बढ़ती है। हालांकि शेयर की मार्केट वैल्यू उसी अनुपात में घटती भी है, जिस अनुपात में आपको बोनस शेयर मिलते हैं।
जैसे कोई कंपनी 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करती है और उस कंपनी के शेयर की कीमत बोनस शेयर जारी करने से पहले 20 रु है। तो बोनस शेयर जारी करने के बाद जिसके पास 10 शेयर थे, उसके बाद 20 शेयर तो हो जाएंगे। मगर शेयर की कीमत 20 रु से घट कर 10 रु रह जाएगी।
शेयर के होते हैं टुकड़े
इसे स्टॉक स्प्लिट कहा जाता है। इसमें कंपनी शेयरों को एक निश्चित अनुपात में बांट देती है। जैसे कि किसी कंपनी का शेयर 100 रु का है और वो उसे 5 टुकड़ों में बांटे तो आपके पास मौजूद 1 शेयर के 5 शेयर बन जाएंगे। हालांकि इस ऑप्शन में भी शेयर की वैल्यू घट जाती है। ये बिलकुल बोनस शेयर जैसा ही है।
बोनस शेयर और शेयर स्प्लिट में फायदा यह है कि पहले एक शेयर की वैल्यू बढ़ने पर आपको फायदा होता, मगर बोनस शेयर मिलने या शेयर स्प्लिट होने के बाद आपके पास जितने शेयरों की संख्या बढ़ी है, उन सबकी वैल्यू बढ़ने से अधिक फायदा मिलेगा।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयरों से कमाई के ऑप्शंस की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
