AI के दम पर आईटी सेक्टर में वैल्यूएशन की दौड़ में महज पांच साल पुरानी अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। कंपनी का वैल्यूएशन करीब 380 अरब डॉलर पर पहुंच गया। है। यह आंकड़ा भारत की शीर्ष 5 IT कंपनियों TCS, Infosys, Wipro, HCL Tecऔर Tech Mahindra के कुल मार्केट कैप करीब 300 अरब डॉलर से कहीं ज्यादा है।
भारत की पांच टॉप कंपनियों से बड़ी हुई एंथ्रोपिक
| भारत की टॉप 5 IT कंपनी | वैल्यूएशन अरब डॉलर में |
|---|---|
| Tata Consultancy Services | 160 |
| Infosys | 85 |
| HCL Technologies | 55 |
| Wipro | 30 |
| Tech Mahindra | 25 |
2021 में शुरुआत, 2026 में बड़ा नाम
2021 में स्थापित Anthropic ने फरवरी 2026 में 30 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन 380 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई है। कंपनी खुद को AI सेफ्टी और रिसर्च पर केंद्रित फर्म बताती है और “रिलायबल व स्टेरेबल” AI सिस्टम बनाने पर जोर देती है।
Claude Code का एंटरप्राइज फोकस
Anthropic का Claude Code मॉडल खास तौर पर कोडिंग और प्रोफेशनल टास्क ऑटोमेशन पर केंद्रित है। कंपनी के मुताबिक कुल रन-रेट रेवेन्यू 14 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि Claude Code अकेले 2.5 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू जेनरेट कर रहा है। एंटरप्राइज यूज अब इसके कुल रेवेन्यू का आधे से ज्यादा हिस्सा बन चुका है।
Nifty IT में 21% की गिरावट
AI की तेज प्रगति ने भारतीय IT शेयरों को झटका दिया है। Nifty IT फरवरी में करीब 21% लुढक गया है, जो 2008 की वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है। बाजार की चिंता यह है कि AI अब कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, NDA स्क्रूटिनी, कंप्लायंस वर्कफ्लो और लीगल ब्रीफिंग जैसे कार्यों को भी ऑटोमेट कर सकता है। जिन सेवाओं पर IT कंपनियों का मजबूत बिजनेस मॉडल टिका था, वही अब AI के निशाने पर हैं।
क्या बदलेगा IT का बिजनेस मॉडल?
लीगल सर्विसेज, डेटा एनालिटिक्स और कस्टमर सपोर्ट जैसे सेक्टर, जिन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था, अब AI डिसरप्शन के दायरे में हैं। अगर AI इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन करता है, तो भारतीय IT कंपनियों की मार्जिन प्रोफाइल और प्रतिस्पर्धी बढ़त पर दबाव बढ़ सकता है।
एंटरप्राइज AI की अगली लड़ाई
Anthropic ने Claude Cowork AI एजेंट जैसे प्रोडक्ट्स के जरिये व्हाइट कॉलर वर्कफ्लो में सीधे प्रवेश किया है। कंपनी को Google और Amazon का समर्थन प्राप्त है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और फंडिंग क्षमता दोनों मजबूत हुई हैं। AI की यह छलांग भारतीय IT उद्योग के लिए अलर्ट सिग्नल है। आने वाले समय में कंपनियों को AI को खतरे के बजाय अवसर में बदलने की रणनीति पर तेजी से काम करना होगा, वरना वैल्यूएशन का अंतर और चौड़ा हो सकता है।
