अर्श से फर्श पर कैसे पहुंचे अनिल अंबानी? डिफॉल्ट और दिवालियापन की वो कहानियां, जिसने डुबो दिया करोड़ों का साम्राज्य!​

कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर शख्स रहे अनिल अंबानी का साम्राज्य गलत फैसलों, भारी कर्ज और रेगुलेटरी बैन के कारण ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। उनके बर्थडे पर आइए जानते हैं कैसे धोखेबाजी, डिफॉल्ट और दिवालियापन ने रिलायंस एडीएजी ग्रुप को अर्श से फर्श पर ला दिया।

बिजनेस की दुनिया में उतार-चढ़ाव आना कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक ऐसा साम्राज्य जो कभी सफलता के सातवें आसमान पर था, उसका इस तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर जाना हर किसी को हैरान करता है। यह कहानी है धीरूभाई अंबानी के छोटे बेटे अनिल अंबानी (Anil Ambani) की। अनिल अंबानी आज 4 जून को 67 साल के हो गए हैं और उनकी जिंदगी में एक समय था जब साल 2008 में वो दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके थे। उनके पास दौलत, शोहरत और एक से बढ़कर एक बिजनेस थे। लेकिन अगले डेढ़ दशक में कुछ ऐसा हुआ कि उनका पूरा 'रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप' (ADAG) कर्ज के दलदल में धंस गया। धोखेबाजी के आरोप, कर्ज का डिफॉल्ट होना और अंत में दिवालियापन (Bankrupt) की कगार पर पहुंच जाना यह अनिल अंबानी के अर्श से फर्श (Anil Ambani Downfall) तक आने की वह दास्तान है जो आज के हर बिजनेसमैन के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। आइए आज अनिल अंबानी के बर्थडे पर जानते हैं उनके अर्श से फर्श पर आने की पूरी कहानी।

Anil Ambani

कैसे शुरू हुआ पतन?

इस पतन की शुरुआत साल 2005 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद दोनों भाइयों, मुकेश और अनिल अंबानी के बीच हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऐतिहासिक बंटवारे से हुई थी। बंटवारे के समय अनिल अंबानी के हिस्से में नए जमाने के उभरते हुए बिजनेस आए थे, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज शामिल थे। उस दौर में टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य का सबसे बड़ा सेक्टर माना जा रहा था। शुरुआत में अनिल अंबानी ने बहुत तेजी से अपने पैर पसारे। उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा, हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर स्टीवन स्पीलबर्ग के साथ डील की और पावर और डिफेंस सेक्टर में भी भारी निवेश किया। उस समय उनकी नेटवर्थ लगभग 42 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी और लोगों को लगता था कि वह अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी से भी आगे निकल जाएंगे। लेकिन अनिल अंबानी की किस्मत ऐसी पलटी कि वो डूबते ही चले गए और अभी तक उनकी मुसीबतें कम नहीं हुई।

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