LPG संकट के बीच किसे मिलेगा पहले सिलेंडर? जानें सरकार की लिस्ट में सबसे टॉप पर हैं ये लोग

मिडिल ईस्ट में बढे तनाव के चलते और सप्लाई चेन टूटने की वजह् से देश और दुनिया में एलपीजी क्राइसिस जैसी समस्या पैदा हो सकती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने एक 'इमरजेंसी रिस्पांस प्लान' तैयार किया है। अगर भविष्य में देश में एलपीजी की भारी कमी होती है, तो सरकार ने यह तय कर लिया है कि सीमित संसाधनों में सबसे पहले सिलेंडर किसे दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख समुद्री रास्तों पर मंडराते संकट ने दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत की अधिकांश एलपीजी (LPG) और प्राकृतिक गैस का आयात करता है, युद्ध में गैस और ऑयल की सप्लाई की बाधित होने से LPG क्राइसिस खड़ा हो गया है, इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने एक 'इमरजेंसी रिस्पांस प्लान' तैयार किया है। अगर भविष्य में देश में एलपीजी की भारी कमी होती है, तो सरकार ने यह तय कर लिया है कि सीमित संसाधनों में सबसे पहले सिलेंडर किसे दिया जाएगा। इस प्राथमिकता लिस्ट (Priority List) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की आवश्यक सेवाएं और सबसे कमजोर वर्ग प्रभावित न हों।

LPG gas Cylinder

सबसे पहले किसे मिलेगा सिलेंडर?

सरकार की प्राथमिकता लिस्ट में सबसे ऊपर घरेलू उपभोक्ता (Domestic Users) और विशेष रूप से 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के लाभार्थी आते हैं। सरकार का मानना है कि रसोई गैस एक बुनियादी जरूरत है, और घरों में चूल्हा जलना बंद नहीं होना चाहिए। इसलिए, किसी भी किल्लत की स्थिति में सबसे पहले आम जनता की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद नंबर आता है अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं का। स्वास्थ्य सेवाओं में गैस की आपूर्ति अनिवार्य होती है, इसलिए मेडिकल सेक्टर को बिना किसी रुकावट के गैस मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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