LPG संकट के बीच सरकार ने लिए ऐसे 5 बड़े फैसले, गैस रिफिलिंग से लेकर कनेक्शन तक होगा असर

मिडिल ईस्ट के तनाव ने भारत में एलपीजी सप्लाई की चिंता बढ़ा दी है, जिसके जवाब में पेट्रोलियम मंत्रालय ने मोर्चा संभाल लिया है। पैनिक बुकिंग और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने 5 बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जो आपकी अगली रिफिल से लेकर नए कनेक्शन तक की पूरी प्रक्रिया को बदल देंगे। आइए जानते हैं क्या हैं ये नए नियम और शहरों से लेकर गांवों तक इनका आप पर क्या असर पड़ने वाला है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध के बीच वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इस संकट का सीधा असर देश की रसोई गैस वितरण प्रणाली पर देखने को मिल रहा है। एलपीजी गैस की 'पैनिक बुकिंग' और संभावित किल्लत को रोकने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने 5 बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि ये कदम जमाखोरी रोकने और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस पहुंचाने के लिए उठाए गए हैं। आइए जानते हैं सरकार के उन 5 फैसलों के बारे में जो आपके अगले सिलेंडर की बुकिंग से लेकर नए कनेक्शन तक पर असर पड़ेगा।

Gas Cylinder

5 फैसले जो बदल देंगे रिफिल से कनेक्शन नियम

बुकिंग टाइमिंग

सबसे बड़ा और अहम फैसला बुकिंग के अंतराल (Booking Interval) को लेकर है। सरकार ने अब रसोई गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के लिए एक समय सीमा तय कर दी है। नए नियमों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता अब एक सिलेंडर लेने के कम से कम 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर पाएंगे। वहीं, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों के लिए यह सीमा बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग डर के मारे एडवांस में सिलेंडर जमा न करने लगें, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा न हो। अगर आप इस समय सीमा से पहले बुकिंग करने की कोशिश करेंगे, तो सिस्टम उसे स्वीकार नहीं करेगा।

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