Gensol Engineering Hits Lower Circuit: जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयर में लगातार दूसरे दिन लोअर सर्किट लग गया है। वहीं इसके शेयर में लगातार चौथे दिन कमजोरी दिख रही है। दरअसल जेनसोल इंजीनियरिंग का नाम महादेव ऐप घोटाले से जुड़ा है। जेनसोल में जेनिथ मल्टी ट्रेडिंग डीएमसीसी की 1.5% हिस्सेदारी है और यूएई स्थित जेनिथ मल्टी ट्रेडिंग डीएमसीसी उन 13 एफपीआई (Foreign Portfolio Investor) में से एक है जिनके माध्यम से हरि शंकर टिबरेवाला ने भारतीय कंपनियों में निवेश किया हुआ है। ईडी के अनुसार टिबरेवाला का नाम महादेव ऐप घोटाले में आया है, जो दुबई स्थित हवाला ऑपरेटर बताया जाता है।
जेनसोल इंजीनियरिंग ने छुआ लोअर सर्किट
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क्या है कंपनी की दलील
जेनसोल इंजीनियरिंग ने कहा है कि जेनिथ की जेनसोल इंजीनियरिंग में 1.5% से कम हिस्सेदारी है। ये सितंबर 2022 से एक इनएक्टिव शेयरधारक है और इसके न तो कोई फैसला लेने का अधिकार है और न ही कंपनी के ऑपरेशन में किसी तरह की भागीदारी है। ये जानकारी खुद जेनसोल ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी है। मगर बावजूद जेनसोल का शेयर लगातार गिर रहा है।
30 से अधिक कंपनियों में हिस्सेदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार टिबरेवाला और इसकी एंटिटीज की 30 से अधिक लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी है। इस बीच टिबरेवाला के सहयोगी सूरज चोखानी की गिरफ्तारी हुई है। जेनसोल की वेबसाइट के अनुसार इसके पास इंजीनियरों की एक एनर्जेटिक टीम है, जिसके पास 33,693 मेगावाट से अधिक का पोर्टफोलियो है।
जेनसोल भारत और विदेशों में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए सोलर एडवाइजरी, एग्जेक्यूशन और ऑपरेशन सर्विसेज सेवाएं देती है।
5 दिनों में 21 फीसदी टूटा शेयर
- बीते 5 दिनों में जेनसोल इंजीनियरिंग का शेयर 21.12 फीसदी फिसला है
- एक महीने में ये 31.64 फीसदी कमजोर हुआ है
- 6 महीनों में इसका पॉजिटिव रिटर्न 28.19 फीसदी रहा है
- 2024 में अब तक इसने 7 फीसदी घाटा कराया है
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
