8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन की अनुमति मिलने के बाद से सैलरी स्ट्रक्चर और पेंशन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसकी क्रम में कम्यूटेड पेंशन की बहाली की लंबे समय से चली आ रही मांग फिर चर्चा में है। वर्तमान में यह पेंशन 15 साल बाद बहाल की जाती है, लेकिन कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार इस कम्यूटेशन अवधि को घटाकर 12 साल कर दे। अब 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इस बार इस मुद्दे पर विचार कर सकती है। सरकार अभी वेतन आयोग की शर्तें तय करने की प्रक्रिया में है और इसी के साथ कर्मचारी संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स जैसी बड़ी कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में नाराजगी बढ़ रही है। यूनियन ने हाल ही में देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसके तहत मीटिंग और आम सभाएं आयोजित की गईं।
आठवां वेतन आयोग
8th Pay Commission: कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- 8वें वेतन आयोग की तत्काल स्थापना और कर्मचारियों की मांगों को शामिल करना।
- नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करना।
- कोविड-19 के दौरान रोके गए महंगाई भत्ते (DA) को तत्काल जारी करना।
- समायोजित (कम्यूटेड) पेंशन की बहाली अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करना।
- अनुकंपा नियुक्तियों की सीमा हटाना और रिक्त पदों को जल्द भरना।
- संगठनों में लोकतांत्रिक कामकाज सुनिश्चित करना।
8th Pay Commission: समायोजित पेंशन पर कर्मचारी क्या बदलाव चाहते हैं?
- मौजूदा नियम:- सरकार रिटायर कर्मचारियों की पेंशन में 15 साल तक कटौती करती है। यानी मिलने वाली एकमुश्त राशि का 15 साल तक हर महीने भुगतान किया जाता है।
- कर्मचारी चाहते हैं कि यह अवधि 12 साल की जाए, ताकि रिटायर्ड कर्मियों को जल्द ही पूरी पेंशन मिल सके।
- बढ़ती महंगाई और खर्चों को देखते हुए 15 साल की कटौती अनुचित है।
- कर्मचारी पहले से ही अपनी सेवा के दौरान टैक्स और कटौतियों का बोझ उठाते हैं।
- अगर यह बदलाव होता है तो लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
8th Pay Commission: क्या सोच रही है सरकार
अभी तक सरकार की ओर से पेंशन कम्यूटेशन और बहाली अवधि पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं और अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि सरकार कर्मचारियों की इस अहम मांग को मानने के लिए तैयार होगी या नहीं।
