8th Pay Commission से पहले समझें वेतन का सफर: 1st से 7th तक कितनी बढ़ी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी?

8th Pay Commission कब से लागू होगा, अभी तक इसको लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल से इसे लागू किया जा सकता है। हालांकि, इस बीच कई अहम मद्दों पर चर्चा चल रही है, जिसमें अबतक के वेतन आयोग में सैलरी में अधिकतम और न्यूनतम बढ़ोतरी प्रमुख है।

8th Pay Commission: केंद्र सरकार में काम करने वाले लाखों कर्मचारी 8वें वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच हर वेतन आयोग में, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम से अधिकतम मूल वेतन का अनुपात कर्मचारी संगठनों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। न्यूनतम और अधिकतम वेतन के बीच जितना ज्यादा अंतर होता है, असमानता भी उतनी ही ज्यादा होती है। इस अनुपात को 'कम्प्रेशन अनुपात' भी कहा जाता है। यह दर्शाता है कि सरकार में सबसे वरिष्ठ कर्मचारी को सबसे कनिष्ठ कर्मचारी की तुलना में कितने गुना मूल वेतन मिलता है।

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8वां वेतन आयोग

दूसरे वेतन आयोग में, कम्प्रेशन अनुपात 1:37.5 था, जबकि पांचवें आयोग में यह सबसे कम, यानी 10.2 था। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के संगठनों की लंबे समय से यह मांग रही है कि इस अनुपात को कम किया जाए, ताकि अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के मूल वेतन में ज़्यादा समानता लाई जा सके। आठवें वेतन आयोग के काम शुरू करने के साथ ही, कर्मचारियों के संगठनों ने कम्प्रेशन अनुपात को कम करने के लिए एक बार फिर अपनी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइज़ेशन्स (FNPO) ने नेशनल काउंसिल, जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) (स्टाफ़ साइड) के सेक्रेटरी को लिखे अपने पत्र में, इस संस्था से 8वें वेतन आयोग को 1:8 के कम्प्रेशन रेश्यो की सिफारिश करने को कहा है।

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