8th Pay Commission: सिर्फ बेसिक पे नहीं, इन Allowances में भी होगा बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

CPC के 3 नवंबर 2025 को गठन के लगभग 18 महीने बाद अपनी सिफारिशें सौंपने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि पैनल की सिफारिशें जितनी जल्दी मिलें, उतना ही अच्छा है। ये सिफारिशें फरवरी 2027 में मिल सकती हैं।

8th Pay Commission के तहत केंद्र सरकार में काम करने वाले कर्मचारियों और रिटायर हो चुके पेंशनर्स के लिए वेतन बढ़ोतरी, भत्तों, सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और अन्य चीजों पर चर्चा के दौर जारी है। हर दस साल में गठित होने वाले इस आयोग से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन पर असर डालने वाले अहम फैसले लेने की उम्मीद है। बता दें कि नए वेतन आयोग लागू होने पर लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों, जिसमें करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और रक्षा कर्मियों व रिटायर हो चुके लोगों सहित लगभग 65 लाख रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगी शामिल हैं को 18 कर्मचारी स्तरों पर इन सिफारिशों का फायदा मिलेगा।

8th Pay Commission

8वां वेतन आयोग

SC के पूर्व जज की अध्यक्षता में समिति

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस कमीशन में पूर्व IAS अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं और प्रोफेसर पुलक घोष (जो फाइनेंस के प्रोफेसर और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य हैं) सदस्य के तौर पर शामिल हैं। 8वें CPC के आधिकारिक 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) पिछले साल के आखिर में जारी किए गए थे। ToR में बताया गया है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी आधिकारिक घोषणा से क्या उम्मीद कर सकते हैं। इनमें से एक अहम बात यह है कि कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों (emoluments) में ऐसे बदलावों की जांच और सिफारिश की जाए जो जरूरी और लागू करने लायक हों।

इसमें वेतन (आमतौर पर वेतन का ढांचा, पे मैट्रिक्स शामिल हैं), भत्ते (आमतौर पर महंगाई भत्ता, महंगाई राहत, मकान किराया भत्ता शामिल हैं), नकद या किसी अन्य रूप में अन्य सुविधाएं/लाभ (इंक्रीमेंट, प्रमोशन आदि शामिल हैं), वेतन और भत्तों को तर्कसंगत बनाना, मौजूदा कामकाज की जरूरतें और खास जरूरतें शामिल हैं।

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