Sectors To Benefit From Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को बजट पेश कर दिया। बजट में जिन चीजों या सेक्टरों से जुड़े अहम ऐलान किए गए, उनमें कृषि, रोजगार, सोने और चांदी (कस्टम ड्यूटी घटाई गई) आदि शामिल हैं। वहीं न्यू टैक्स रिजीम में भी बदलाव किए गए हैं। सरकार ने जो घोषणाएं की हैं, उनसे कई सेक्टरों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में इन सेक्टरों की कंपनियों के शेयर भी फोकस में रहेंगे। बजट में हुई घोषणाओं से किन सेक्टरों के कौन-से शेयर फायदा करा सकते हैं, आगे जानिए लिस्ट।
बजट से लाभान्वित होने वाले क्षेत्र
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गोदरेज एग्रोवेट
कृषि के अलावा इससे संबंधित सेक्टरों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं। अंतरिम बजट में ये राशि 1.27 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं बजट में ब्रूडस्टॉक, पॉलीचेट वर्म्स, झींगा और फिश फीड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी कम करके 5 फीसदी कर दी गई है।
कई इनपुट पर भी कस्टम ड्यूटी कम हुई है। इससे गोदरेज एग्रोवेट के अलावा अन्य कृषि सेक्टर के शेयरों को फायदा हो सकता है। दरअसल गोदरेज एग्रोवेट का बिजनेस मवेशियों और झींगा के लिए आहार बनाना और बेचना है।
टाइटन को भी फायदे की उम्मीद
सोने और चांदी पर कुल कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी गई है, जिससे टाइटन समेत बाकी ज्वैलरी कंपनियों को फायदा हो सकता है। टाइटन की प्रोडेक्ट कैटेगरी में करीब 87 फीसदी हिस्सा ज्वैलरी का है। कस्टम ड्यूटी घटने से सोना सस्ता होगा, जिससे इसकी सेल्स बढ़ सकती है।
टीमलीज सर्विसेज
अगले 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को टॉप भारतीय कंपनियों में इंटर्नशिप देने का ऐलान किया गया है। इससे उन कंपनियों को फायदा होगा, जो HR (ह्यूमन रिसोर्स) सर्विस देती हैं। इनमें टीमलीज सर्विसेज भी शामिल है।
बोरोसिल रिन्यूएबल्स
सरकार ने बजट में घरेलू सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाले कदम उठाए हैं। इनमें सोलर ग्लास पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाना और सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ सामान पर शुल्क माफ करना शामिल है। इससे बोरोसिल रिन्यूएबल्स समेत अन्य सोलर ग्लास बनाने वाली कंपनियों को फायदा होगा।
अडानी विल्मर
सरकार दालों और तिलहनों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना चाहती है। इसके लिए इन चीजों के प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग को बेहतर बनाया जाएगा। सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों के मामले में आत्मनिर्भरता के लिए भी प्लान है।
इससे अडानी विल्मर और इस जैसी अन्य कंपनियों को फायदा हो सकता है। खासकर वे कंपनियां सोयाबीन तेल, पाम ऑयल, सूरजमुखी तेल, राइस ब्रान ऑयल, सरसों तेल, मूंगफली तेल आदि बनाती हैं।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर बजट के चुनिंदा सेक्टरों और शेयरों पर पड़ने वाले अनुमानित प्रभाव की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
