पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर पड़ा। सप्ताहभर की कमजोरी के चलते देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 3.63 लाख करोड़ रुपये घट गया। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। वहीं, कुछ चुनिंदा कंपनियां ऐसी भी रहीं, जिन्होंने इस उतार-चढ़ाव भरे बाजार में खुद को संभाले रखा और उनके मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एक हफ्ते में 2 फीसदी टूटा सेंसेक्स
बीते हफ्ते शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स करीब 2,185 अंक यानी 2.54 फीसदी टूट गया। बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण रहे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाने की संभावनाओं और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर यह हुआ कि निवेशकों ने जोखिम लेने से दूरी बनाई और बाजार में बिकवाली हावी हो गई।
बाजार जानकारों के मुताबिक वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा। इसका सीधा असर बड़ी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा और उनके बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई। टॉप-10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS, भारती एयरटेल, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसी दिग्गज कंपनियां इस गिरावट की चपेट में रहीं।
सबसे ज्यादा अंबानी को नुकसान
अगर नुकसान की बात करें तो सबसे बड़ा झटका रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगा। कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.58 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 19.96 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। बैंक का बाजार मूल्य करीब 96 हजार करोड़ रुपये घटकर 14.44 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप भी लगभग 45 हजार करोड़ रुपये कम होकर 11.55 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं, बजाज फाइनेंस को करीब 18,700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और इसका बाजार मूल्य घटकर करीब 5.97 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप भी करीब 18,700 करोड़ रुपये घट गया।
आईटी सेक्टर की बात करें तो TCS और इंफोसिस दोनों को नुकसान झेलना पड़ा। TCS का बाजार मूल्य करीब 15 हजार करोड़ रुपये घटकर 11.60 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इंफोसिस का मार्केट कैप करीब 10,700 करोड़ रुपये कम होकर लगभग 6.70 लाख करोड़ रुपये रह गया। इससे साफ है कि आईटी शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे।
इनको हुआ फायदा
हालांकि, इस गिरावट भरे बाजार में कुछ कंपनियों के लिए राहत की खबर भी रही। आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में मजबूती देखने को मिली और इसका मार्केट कैप करीब 34,900 करोड़ रुपये बढ़कर 10.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्य में भी करीब 6 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के मार्केट कैप में भी मामूली बढ़त देखने को मिली।
