ईरान-अमेरिका संघर्षविराम के बाद पहली बार भारत आ रही 20,000 टन LPG; 'जग विक्रम' ने सुरक्षित पार किया होर्मुज

अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ ने होर्मुज पार कर लिया है। इससे भारत की ऊर्जा सप्लाई को राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि क्षेत्र में अभी भी कई जहाज फंसे हुए हैं।

पश्चिम एशिया में जारी जंग फिलहाल थमी हुई है, पाकिस्तान की मध्यस्थता पर अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू है और समझौते की वार्ता के लिए दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में मौजूद है। हालांकि भले ही अस्थायी युद्धविराम लागू हो लेकिन होर्मुज की स्थिति जस की तस है। ईरान अभी भी वहां पारगमन को बंद किए हुए है। जिसके कारण वैश्विक स्तर पर LPG और तेल का संकट बरकरार है। इस बीच, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर जग विक्रम सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला भारतीय एलपीजी टैंकर जग विक्रम बन गया है।

LPG Vessels

LPG गैस लेकर भारत आ रहा पोत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

15 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में

जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ,टैंकर शुक्रवार रात (10 अप्रैल, 2026) और शनिवार सुबह (11 अप्रैल, 2026) के बीच रणनीतिक जलमार्ग से गुजरा। शनिवार (11 अप्रैल, 2026) दोपहर को जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी में स्थित था और पूर्व की ओर बढ़ रहा था। जग विक्रम मार्च की शुरुआत से फारस की खाड़ी से निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। इस पर 20,000 टन एलपीजी लदी है। वहीं अभी भी लगभग 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं और निकलने की तैयारी में हैं।जग विक्रम से पहले पश्चिमी हिस्से से आठ और पूर्वी हिस्से से दो जहाज सुरक्षित निकल चुके थे, जबकि कई विदेशी जहाज अब भी फारस की खाड़ी में रुके हुए हैं। मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में सैकड़ों जहाज अभी भी मौजूद हैं, जिनमें 426 टैंकर, 34 एलपीजी वाहक और 19 एलएनजी जहाज शामिल हैं।

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