पूरी दुनिया में लगी आग, 120 देशों ने बढ़ाए दाम, भारत में कब तक राहत?

कच्चे तेल की बढ़ती तपिश ने पूरी दुनिया के बजट को झुलसा दिया है। एक तरफ जहां दुनिया के 120 देशों ने बढ़ती लागत के आगे घुटने टेकते हुए तेल के दाम बढ़ा दिए हैं, वहीं भारत में अबतक कीमतें स्थिर हैं लेकिन सवाल है कब तक?

आज पूरी दुनिया ऊर्जा संकट और बेलगाम महंगाई की दोहरी मार झेल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आए भूचाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है। आलम यह है कि दुनिया के लगभग 120 देशों ने अपने यहां पेट्रोल और डीजल (Petrol Diesel) की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है। विकसित राष्ट्रों से लेकर विकासशील मुल्कों तक, हर जगह ईंधन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जिससे माल ढुलाई और परिवहन की लागत बढ़ने से आम आदमी की थाली तक महंगी हो गई है। लेकिन भारत में युद्ध शुरू होने से लेकर अबतक या यूं कहें कि बीते 4 साल से पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर हैं. तेल कंपनियों के भारी नुकसान के बावजूद यहां पेट्रोल डीजल के रेट नहीं बढे हैं. ऐसे में अब यह सवाल बड़ा हो गया है कि आखिर जनता को कब तक राहत मिलेगी?

Petrol Diesel

भारत में अब तक की स्थिति

दुनिया भर में मचे इस हाहाकार के बीच भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह रही है कि यहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद घरेलू कीमतों को स्थिर रखा है। हालांकि, यह राहत किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल देश में दामों को नियंत्रित रखा गया है।

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