₹1,000 रुपये की शर्ट पर अब सिर्फ इतने रुपये का टैक्स, पहले लगता था 170 रुपये

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को GST दरों में कटौती पर लोगों को 'गुमराह' करने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा और टूथपेस्ट से लेकर ट्रैक्टर तक सभी चीजों की कीमतों में कमी का उदाहरण देकर उनके बयान को गलत ठहराया।

देशभर में 22 सितंबर से GST दरों में कमी की गई है। मोदी सरकार के इस फैसले से तमाम जरूरी सामान, गाड़ी, एसी, टीवी, फ्रिज आदि की कीमत घटी है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को एक दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले एक हजार रुपये की शर्ट पर लगभग 170 रुपये का कर लगता था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह घटकर 50 रुपये रह गया। जीएसटी सुधार के बाद उसी एक हजार रुपये की शर्ट पर अब केवल 35 रुपये कर के रूप में चुकाने पड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 2014 में टूथपेस्ट, शैम्पू, हेयर ऑयल और शेविंग क्रीम जैसी आवश्यक वस्तुओं पर 100 रुपये खर्च करने पर 31 रुपये कर लगता था जिससे उसकी कीमते 131 रुपये हो जाती थी। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद उन्हीं 100 रुपये के सामान की कीमत 118 रुपये हो गई जिससे 13 रुपये की प्रत्यक्ष बचत हुई। नए जीएसटी सुधारों के साथ यह कीमत और घटकर 105 रुपये हो गई है जिससे 2014 से पहले की दरों की तुलना में कुल 26 रुपये की बचत हुई है।

शर्ट

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प्रति परिवार 15 हजार की बचत होगी

मोदी ने कहा कि 2014 में आवश्यक वस्तुओं पर सालाना एक लाख रुपये खर्च करने वाले परिवार को 20 से 25 हजार रुपये कर के रूप में देने पड़ते थे। अब नई जीएसटी व्यवस्था के तहत वही परिवार सालाना केवल पांच—छह हजार रुपये का भुगतान करेंगे क्योंकि ज्यादातर आवश्यक वस्तुओं पर अब सिर्फ पांच प्रतिशत ही जीएसटी लगता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ट्रैक्टरों के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक का कर लगता था। अब उसकी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार रुपये का कर लगेगा। इससे किसानों को 40 हजार रुपये से ज्यादा की प्रत्यक्ष बचत होगी। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए रोजगार का एक प्रमुख स्रोत यानी तिपहिया वाहन पर पहले 55 हजार रुपये कर लगता था, जो अब घटकर 35,000 रुपये हो गया है। इससे खरीदारों के 20 हजार रुपये की बचत होती है।

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