अगर आपके वाहन पर कई सारे e-challans हैं, तो आगामी लोक अदालत (Lok Adalat) आपके लिए बड़ी राहत का मौका साबित हो सकती है, लेकिन ध्यान रहे, सिर्फ पहुंचना काफी नहीं, सही दस्तावेज और वैध मामला होना जरूरी है, क्योंकि यदि आपने गलती की है और आपका चालान कटा है तो उसे माफ कराना मुश्किल है। आज की इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि यदि आप लोक अदालत में चालान माफ करवाने जा रहे हैं तो किन-किन बातों का आपको ध्यान रखना चाहिए।
Lok Adalat Guide (PTI Photo/Kamal Kishore)
कौन से चालान लोक अदालत में स्वीकार होते हैं?
लोक अदालत केवल छोटे और कम्पाउंडेबल ट्रैफिक मामलों को ही स्वीकार करती है। इनमें बिना हेलमेट दोपहिया चलाना, बिना सीट बेल्ट कार चलाना, ओवरस्पीडिंग, गलत/नो पार्किंग, रेड लाइट जंप करना, बिना वैध PUC, बिना ड्राइविंग लाइसेंस या नंबर प्लेट और गलत तरीके से बने या गलत चालान शामिल होते हैं।
इन मामलों पर लोक अदालत में सुनवाई नहीं होगी
यदि शराब पीकर वाहन चलाना, हिट एंड रन केस, दुर्घटना में चोट या मौत होने पर दर्ज मामला, पहले से कोर्ट में चल रहे केस चलने जैसे मामले हैं तो लोक अदालत में आपकी सुनवाई नहीं होगी।
कौन से दस्तावेज साथ लेकर जाएं?
- मूल चालान या ऑनलाइन चालान की प्रिंटेड कॉपी
- वाहन का RC (मूल व फोटोकॉपी)
- ड्राइविंग लाइसेंस (मूल व कॉपी)
- मान्य पहचान पत्र (आधार, वोटर ID आदि)
- रजिस्ट्रेशन स्लिप / टोकन (ऑनलाइन बुकिंग करने पर)
- नोट- सभी डॉक्यूमेंट्स के ओरिजिनल और कॉपी दोनों साथ में रखें।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस या लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की वेबसाइट पर जाएं। वाहन नंबर और चालान विवरण दर्ज कर लंबित चालानों की जांच करें। फॉर्म भरें और रजिस्ट्रेशन सबमिट करें। मिलने वाली रसीद/टोकन/एपॉइंटमेंट स्लिप प्रिंट करें। निर्धारित दिन 30-45 मिनट पहले संबंधित स्थान पर पहुंचें।
लोक अदालत से चालान निपटाने के फायदे
75% तक चालान में छूट मिल सकती है। कोई कोर्ट फीस नहीं लगता है। लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से छुटकारा मिलता है। चालान निपट जाने के बाद RC ट्रांसफर, लाइसेंस रिन्यूअल या वाहन बेचने में सुविधा। तो यदि आपके चालान हैं तो लोक अदालत एक सुनहरा मौका हो सकता है।
