SMEV On Electric Vehicles Adoption: इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के संगठन एसएमईवी ने मंगलवार को सरकार से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये पूरे देश में पथकर से छूट के साथ एकीकृत नीति तैयार करने का आग्रह किया। एसएमईवी (सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा कि देश में इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था की ओर बदलाव में तेजी लाने के लिये एक सतत और अनुकूल नीतिगत माहौल जरूरी है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये पूरे देश में पथकर से छूट के साथ एकीकृत नीति तैयार करने का आग्रह किया।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा
संगठन के एजेंडा को बढ़ावा देने वाले मुख्य प्रचारक संजय कौल ने लिखा है, ‘‘मैं सड़क कर छूट को लेकर एक एकीकृत नीति पर विचार करने का अनुरोध करने के लिये यह पत्र लिख रहा हूं। यह नीति पर्यावरण अनुकूल और भरोसेमंद परिवहन विकल्पों की स्वीकार्यता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह हमारे देश के पर्यावरण और आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।’’
सब्सिडी को कम करने का निर्णय
उन्होंने पत्र में लिखा है कि भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम- दो (इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से विनिर्माण और उसे अपनाने की योजना) योजना के तहत बीच में ही सब्सिडी को कम करने का निर्णय किया है। इसके कारण ईवी के लिए पथकर छूट की एकीकृत नीति और भी अधिक प्रासंगिक और महत्वपूर्ण होगी। कौल ने कहा कि सड़क कर और पंजीकरण शुल्क ईवी को बढ़ावा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
पथकर और पंजीकरण शुल्क से छूट
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन की कीमत उन्नत बैटरी प्रणाली के कारण अधिक होती है। ऐसे में ये पथकर के रूप में अतिरिक्त लागत संभावित खरीदारों को हतोत्साहित कर सकती है। कौल ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे कुछ राज्यों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये पहले ही पथकर और पंजीकरण शुल्क से छूट दी है, कई राज्य अब भी इससे पीछे हैं।
