PUC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट यह बताता है कि आपकी गाड़ी से निकलने वाला धुआं तय प्रदूषण मानकों के अंदर है या नहीं। पेट्रोल, डीजल और दूसरे ईंधन से चलने वाली गाड़ियों के लिए लागू नियमों के मुताबिक यह प्रमाणपत्र जरूरी होता है। वाहन की उम्र, श्रेणी और लागू नियमों के आधार पर इसकी वैधता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए सिर्फ यह याद रखना काफी नहीं है कि आपने पिछली बार कब प्रदूषण जांच कराई थी। सर्टिफिकेट पर लिखी समाप्ति तारीख भी देखना जरूरी है।
मोबाइल से ऑनलाइन कैसे चेक करें PUC की वैलिडिटी?
PUC सर्टिफिकेट की जानकारी आप परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर देख सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें।
1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट Parivahan PUC पोर्टल पर जाएं।
2. वेबसाइट पर PUC Certificate से जुड़ा विकल्प खोलें।
3. अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी भरें।
4. जरूरी विवरण दर्ज करने के बाद सर्टिफिकेट की जानकारी देखें।
5. स्क्रीन पर उपलब्ध रिकॉर्ड में PUC की वैधता और एक्सपायरी डेट चेक करें।
अगर आपकी गाड़ी का रिकॉर्ड नहीं दिखता है, तो रजिस्ट्रेशन नंबर और दर्ज की गई जानकारी दोबारा जांचें। जरूरत पड़ने पर अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र से संपर्क करें।
PUC एक्सपायर होने पर कितना लगेगा जुर्माना?
अगर आपकी गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो वैध सर्टिफिकेट के बिना वाहन चलाने पर चालान हो सकता है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत कुछ मामलों में 10,000 रुपये तक का जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जुर्माने की राशि और कार्रवाई मामले तथा लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए सर्टिफिकेट की वैधता खत्म होने का इंतजार न करें।
PUC खत्म हो गया है तो क्या करें?
अगर ऑनलाइन चेक करने पर पता चलता है कि आपका PUC एक्सपायर हो चुका है, तो गाड़ी को अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर ले जाएं। वहां वाहन के धुएं की जांच होगी। प्रदूषण का स्तर तय मानकों के भीतर होने पर नया सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है। जांच के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट को ऑनलाइन सेव करके रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर दिखा सकें। ध्यान रखें कि PUC की वैधता नियमित रूप से चेक करना आपकी जिम्मेदारी है।
