नए साल के जश्न के दौरान दिल्ली की सड़कों पर नियमों की अनदेखी खुलकर देखने को मिली। 31 दिसंबर की रात से लेकर 1 जनवरी की सुबह तक ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस दौरान ट्रैफिक उल्लंघन के मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिससे जश्न कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया।
ड्रिंक-ड्राइविंग के मामलों में 300% तक इजाफा
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, न्यू ईयर की रात शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की संख्या में करीब 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे ड्राइवर पकड़े जो नशे की हालत में वाहन चला रहे थे। यह स्थिति सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक मानी जा रही है।
नए साल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही सख्त इंतजाम किए थे। शहर के प्रमुख चौराहों, मॉल्स, पार्टी हब और मुख्य सड़कों पर विशेष बैरिकेडिंग की गई थी। जगह-जगह ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई और संदिग्ध ड्राइवरों को रोककर कागजात भी चेक किए गए।
10,000 से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी
न्यू ईयर की रात और उसके बाद दिल्ली पुलिस ने 10,000 से अधिक चालान काटे। इनमें ड्रिंक-ड्राइविंग के अलावा ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, बिना हेलमेट बाइक चलाना, सीटबेल्ट न लगाना और गलत पार्किंग जैसे उल्लंघन शामिल रहे। कई मामलों में वाहन जब्त भी किए गए।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट और सीटबेल्ट के वाहन चला रहे थे। खासकर दोपहिया चालकों में यह लापरवाही ज्यादा दिखी। पुलिस ने साफ कहा कि इस तरह की गलती जानलेवा साबित हो सकती है और नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है।
ड्रिंक-ड्राइविंग के गंभीर मामलों में केवल चालान ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की गई। कई लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए गए और कुछ मामलों में कोर्ट में पेश होने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस का कहना है कि सख्ती का मकसद सजा देना नहीं, बल्कि हादसों को रोकना है।
दिल्ली पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जश्न जरूर मनाएं, लेकिन सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। शराब पीकर वाहन चलाने के बजाय कैब, मेट्रो या किसी ड्राइवर की मदद लें। पुलिस का कहना है कि एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती जारी रहेगी। खासतौर पर वीकेंड और त्योहारों के दौरान चेकिंग बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का साफ संदेश है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
