मारुति सुजुकी अगले पांच साल में आठ एसयूवी पेश करेगी, जिससे उसके कुल मॉडल की संख्या 28 हो जाएगी। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक और अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने बुधवार को कहा कि कंपनी घरेलू यात्री वाहन खंड में 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
Maruti Suzuki Victoris for demo only/photo-maruti
समाचार एजेंसी PTI/भाषा के मुताबिक सुजुकी ने ‘जापान मोबिलिटी शो’ के दौरान यहां आए भारतीय पत्रकारों से बातचीत में भारतीय कार बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया और कहा कि 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना मारुति सुजुकी के लिए कठिन लक्ष्य होगा।
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (एसएमसी) की देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में घरेलू यात्री वाहन बाजार में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी घटकर लगभग 39 प्रतिशत रह गई है।
सुजुकी ने 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की योजना के बारे में पूछने पर कहा, ‘‘बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हम अगले 5-6 साल में आठ एसयूवी पेश करेंगे, जिससे हमारी कुल उत्पाद श्रृंखला 28 मॉडल तक पहुंच जाएगी।’’ उन्होंने कहा कि कंपनी 50 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण तथा निर्यात में भी अव्वल बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
मारुति सुजुकी इस समय घरेलू बाजार में 18 मॉडल बेच रही है और उसकी बाजार हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2018-19 के 51.2 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में 38.8 प्रतिशत रह गई है। सुजुकी ने भारत के लिए अपनी रणनीति के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मारुति सुजुकी घरेलू बाजार में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के साथ ही निर्यात बढ़ाने पर भी ध्यान देगी।
उन्होंने कहा कि घरेलू और निर्यात, दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एमएसआई संयंत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 40 लाख इकाई प्रति वर्ष की जाएगी। सुजुकी ने बताया कि भारत जैसे बड़े देश में ग्राहकों की विविध जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड औरसीएनजी मॉडल सहित सभी प्रकार की कारें पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी गुजरात में नौ बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना के साथ बायोगैस से चलने वाले वाहनों पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। सुजुकी ने बताया कि भारत में अपनी समग्र उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एसएमसी ने पहले ही वित्त वर्ष 2030-31 तक 70,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
इनपुट- भाषा
