केंद्र सरकार त्योहारों से पहले आम जनता को राहत देने की तैयारी कर रही है। खबर है कि मोटरसाइकिल और स्कूटर पर लगने वाला जीएसटी टैक्स जल्द ही कम किया जा सकता है। अभी पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों पर 28% जीएसटी लिया जाता है। वहीं, 350 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक्स पर अतिरिक्त 3% सेस भी जुड़ जाता है, जिससे कुल टैक्स 31% तक पहुंच जाता है।
GST Reforms 2025 ON Bikes/Photo-CANVA
18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार जीएसटी 2.0 फ्रेमवर्क के तहत टू-व्हीलर्स को सीधे 18% जीएसटी स्लैब में शामिल करने की योजना बना रही है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री लंबे समय से यह मांग कर रही थी कि मोटरसाइकिल और स्कूटर को लग्जरी की जगह आवश्यक परिवहन साधन माना जाए। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) भी पहले 18% जीएसटी की सिफारिश कर चुकी है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में हुआ फैसला
जीएसटी दरों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर देखने को मिलेगा। इस रिफॉर्म के तहत, छोटी और किफायती गाड़ियों को बड़ी राहत दी गई है, जबकि लग्जरी और महंगी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाया गया है।
सस्ती होने वाली गाड़ियां
- छोटी कारें: जिन पेट्रोल, एलपीजी या सीएनजी कारों का इंजन 1200 सीसी तक है और जिनकी लंबाई 4000 मिमी से कम है, उन पर जीएसटी की दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है।
- डीजल कारें: इसी तरह, 1500 सीसी तक के इंजन वाली और 4000 मिमी से कम लंबाई वाली डीजल कारों पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
- टू-व्हीलर: 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और थ्री-व्हीलर पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
- अन्य वाहन: एम्बुलेंस, गुड्स ट्रांसपोर्ट वाहन और ट्रैक्टर (कुछ अपवादों को छोड़कर) पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
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महंगी होने वाली गाड़ियां
- लग्जरी और बड़ी कारें: 1200 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली या 4000 मिमी से ज्यादा लंबी पेट्रोल या हाइब्रिड गाड़ियों और 1500 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली या 4000 मिमी से ज्यादा लंबी डीजल या हाइब्रिड गाड़ियों पर जीएसटी अब 40% लगेगा।
- लग्जरी टू-व्हीलर: 350 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर भी 40% जीएसटी लगेगा।
- एसयूवी: 1500 सीसी से ज्यादा इंजन, 4000 मिमी से ज्यादा लंबाई और 170 मिमी से ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली एसयूवी पर भी 40% जीएसटी लगेगा।
ग्राहकों को होगा सीधा फायदा
अगर जीएसटी घटकर 18% हो जाता है, तो दोपहिया वाहनों की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी बाइक की कीमत करीब 1 लाख रुपये है, तो ग्राहकों को 8 से 10 हजार रुपये तक की बचत मिल सकती है। कीमतों में कमी से बिक्री बढ़ेगी, प्रोडक्शन तेज होगा और ऑटो सेक्टर में नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
