SUV MPV Price Hike: भारत में एमपीवी ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर जल्द आने वाली है। जीएसटी काउंसिल मोटर व्हीकल को एसयूवी और एमपीवी के आधार पर सेस रेट्स तय करेगा जो फिलहाल स्मॉल से फुल साइज एसयूवी तक 20-22 फीसदी है। कार ग्राहकों और निर्माताओं को उम्मीद थी कि जीएसटी काउंसिल द्वारा छोटे साइज की एसयूवी पर लगने वाला टैक्स कम किया जाएगा। हालांकि जीएसटी काउंसिल ने सभी सलाह नकारते हुए एसयूवी और एमपीवी के सेस रेट्स को बढ़ाने का फैसला संभवतः कर लिया है।
उम्मीद थी कि जीएसटी काउंसिल द्वारा छोटे साइज की एसयूवी पर लगने वाला टैक्स कम किया जाएगा।
क्या बोलीं वित्त मंत्री?
50वीं जीएसटी काउंसिल मीट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “कई लोगों ने सलाह दी थी कि छोटे और बड़े साइज की एसयूवी पर टैक्स का एक ही आंकड़ा लगाया जाएग और इसे सभी यूटिलिटी वाहनों के लिए 22 प्रतिशत कर दिया जाए। हम इनकी सलाह पर आगे नहीं बढ़े, क्योंकि अगर हम ऐसा करते तो इस दायरे में सेडान भी आ जाती। भारत में सिर्फ दो राज्य पंजाब और तमिलनाडु ने सेडान को इस दायरे में लाने पर आपत्ति जताई थी। ऐसे में हमने टैक्स की व्यवस्था का विस्तार किया है, लेकिन सेडान को दायरे से बाहर रखते हुए।”
200 फीसदी बढ़ जाएगा सेस?
एमपीवी और एसयूवी के लिए जीएसटी काउंसिल द्वारा अपडेटेड क्राइटेरिया लाया जा रहा है। इसमें महिंद्रा एक्सयूवी700 और टोयोटा इनोवा जैसे वाहनों पर लगने वाले मौजूद 20-22 प्रतिशत सेस में 200 पॉइंट तक इजाफा दर्ज किया जा सकता है। सेस के अलावा इन गाड़ियों पर 28 प्रतिशत जीएसटी रेट भी लिया जा रहा है जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस कदम से सभी कांपनियों की एसयूवी और एमपीवी की कीमत में 2 प्रतिशत तक इजाफा दर्ज किया जा सकता है। हालांकि हाइब्रिड एमपीवी पर 15 प्रतिशत सेस रेट चार्ज किया जा रहा है।
