Driving Licence Rules : ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने वालों और पहले से लाइसेंस रखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट कराने पर फीस खत्म करने से लेकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आसान बनाने तक कई प्रस्ताव रखे गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट करने और टेस्ट में पास होने के लिए जरूरी अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने की तैयारी है।
बदलावों के प्रस्तावों पर मांगे सुझाव
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 16 अक्टूबर 2026 को इन प्रस्तावों से जुड़ी अधिसूचना जारी की, जो 21 अक्टूबर को राजपत्र में प्रकाशित हुई। ये अभी ड्राफ्ट नियम हैं, लागू नहीं हुए हैं। सरकार ने इन पर 30 दिन के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
1. DL में पता, मोबाइल और ईमेल अपडेट कराना हो सकता है मुफ्त
ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलवाने, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट कराने के लिए अब फीस नहीं देनी पड़ सकती है। ड्राफ्ट में इन सेवाओं पर शुल्क खत्म करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, लाइसेंस में नाम या अन्य दर्ज विवरण बदलने पर भी फीस नहीं लेने की तैयारी है।
प्रस्ताव में ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण के जरिए ली जाने वाली सेवाओं पर भी कोई शुल्क नहीं लेने की बात कही गई है। अगर ये नियम मंजूर होते हैं, तो लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाओं का खर्च कम हो सकता है।
2. आवेदन पर 15 दिन में फैसला, पता बदलने में देरी हुई तो मंजूरी
लाइसेंस में नाम, पता या अन्य विवरण बदलवाने के लिए आवेदन देने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए समयसीमा तय करने का प्रस्ताव है।
ड्राफ्ट के मुताबिक, लाइसेंसिंग अथॉरिटी को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर बदलाव मंजूर करना होगा या उसे अस्वीकार करना होगा। आवेदन खारिज करने पर कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे और आवेदक को इसकी सूचना इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी दी जा सकेगी।
पते में बदलाव के मामले में खास राहत का प्रस्ताव है। अगर आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर उसे न मंजूर किया जाता है और न ही खारिज, तो उसे मंजूर माना जाएगा। यह व्यवस्था केवल पते में बदलाव वाले आवेदन के लिए प्रस्तावित है।
3. Form 2A से होंगे कई काम, बार-बार नहीं भरनी पड़ेगी जानकारी
सरकार लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाओं के लिए अलग फॉर्म लाने की तैयारी कर रही है। ड्राफ्ट में Form 2A प्रस्तावित है, जिसके जरिए एक ही आवेदन में जरूरत के मुताबिक कई सेवाओं का चयन किया जा सकेगा।
इस फॉर्म में ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस जारी कराना, लाइसेंस में वाहन की नई कैटेगरी जुड़वाना और नाम, पता या दूसरे विवरणों में बदलाव जैसी सेवाएं शामिल हैं। चिकित्सा संबंधी जानकारी अपडेट करने का विकल्प भी प्रस्तावित है।
4. बिजली और घरेलू गैस का बिल बनेगा एड्रेस प्रूफ
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन में पते का प्रमाण देने के लिए दस्तावेजों की सूची में बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत बिजली का बिल और घरेलू गैस का बिल भी एड्रेस प्रूफ के तौर पर स्वीकार किया जा सकेगा।
शर्त यह होगी कि आवेदन जमा करने की तारीख से बिल 3 महीने से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए। इसके अलावा आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और कुछ सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों की ओर से जारी पहचान पत्र जैसे दस्तावेज भी प्रस्तावित सूची में शामिल हैं।
ड्राफ्ट में पहचान के प्रमाण के लिए PAN कार्ड को भी शामिल किया गया है। उम्र या जन्मतिथि के प्रमाण के लिए पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान की मार्कशीट में दर्ज जन्मतिथि और जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है।
5. Sarathi पोर्टल से अपने आप भर जाएगी जानकारी
ऑनलाइन आवेदन को आसान बनाने के लिए मौजूदा लाइसेंस धारकों की पहले से दर्ज जानकारी Sarathi पोर्टल से अपने आप लेने का प्रस्ताव है। आवेदक को अपना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर देना होगा, जिसके आधार पर उपलब्ध विवरण फॉर्म में स्वतः भरे जा सकेंगे।
इससे नाम, जन्मतिथि और पते जैसी जानकारी बार-बार दर्ज करने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, जहां जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, वहां आवेदक को विवरण खुद भरने पड़ सकते हैं।
6. ड्राइविंग ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होगा
ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े नियमों को भी सख्त बनाने का प्रस्ताव है। ड्राफ्ट के मुताबिक, सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट होनी चाहिए।
इसके साथ ही, टेस्ट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। नियम 11 में सात दिन की जगह 15 दिन का प्रावधान करने की बात भी कही गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े प्रशिक्षण और आकलन को बेहतर बनाना है।
7. इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और Organ Donor का विकल्प
प्रस्तावित फॉर्म में इमरजेंसी कॉन्टैक्ट का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने की व्यवस्था शामिल है। ब्लड ग्रुप की जानकारी भी अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, लाइसेंस के फॉर्म में Organ Donor यानी अंगदान से जुड़े विकल्प को शामिल करने की तैयारी है।
लाइसेंस के प्रस्तावित QR Code Readable Zone में मेडिकल जानकारी, दवाओं, एलर्जी और मेडिकल इम्प्लांट से जुड़े विवरण दर्ज करने का भी प्रावधान है। ड्राफ्ट के अनुसार, इस जानकारी का इस्तेमाल सड़क दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में किया जा सकेगा।
8. ऑनलाइन फोटो के लिए भी तय होंगे नियम
ड्राइविंग लाइसेंस के ऑनलाइन आवेदन में फोटो अपलोड करने के लिए भी स्पष्ट मानक प्रस्तावित हैं। फोटो का आकार 1 MB से ज्यादा नहीं होना चाहिए। चेहरे को फोटो फ्रेम के 70% हिस्से में रखने और पर्याप्त रोशनी के साथ सादे सफेद बैकग्राउंड का इस्तेमाल करने का निर्देश है। डिजिटल रंगीन फोटो का रिजॉल्यूशन 900 × 1200 पिक्सल से 2250 × 3000 पिक्सल के बीच रखने का प्रस्ताव है।
9. वाहन की कैटेगरी हटाने पर 7 दिन में कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति अपने ड्राइविंग लाइसेंस से किसी वाहन की कैटेगरी हटवाने के लिए आवेदन करता है, तो प्रस्तावित नियम के तहत संबंधित कैटेगरी 7 दिनों के भीतर अपने आप हटा दी जाएगी।
हालांकि, अगर कोई व्यक्ति किसी कैटेगरी को स्थायी रूप से सरेंडर करता है, तो ड्राफ्ट के मुताबिक वह सरेंडर की तारीख से एक साल तक उसी कैटेगरी का लर्नर लाइसेंस या ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए पात्र नहीं होगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
अभी इन बदलावों को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन्हें मंत्रालय के अपर सचिव (MVL, Transport & Road Safety), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001 को भेजा जा सकता है। इसके लिए ईमेल पता comments-morth@gov.in भी दिया गया है। सरकार सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दे सकती है। इसलिए फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को मौजूदा नियमों के अनुसार ही सेवाओं के लिए आवेदन करना चाहिए।
