इन बातों से रिजेक्ट हो सकता है कार का इंश्योरेंस क्लेम, ना करें ये गलती

कार का एक्सीडेंट होने के बाद इंश्योरेंस क्लेम फाइल करना भी अपने आप में एक काफी बड़ी और थकाऊ प्रक्रिया है। कंपनी जब कार इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट करती है तो हम सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर हमारा इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट क्यों हुआ होगा। आज हम ऐसी सामान्य गलतियां लेकर आये हैं जिनकी वजह से कार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं। अगर आपको भी कभी इंश्योरेंस क्लेम फाइल करना पड़े तो आपको इन गलतियों से बचना चाहिए।

Claim On Car Insurance: कार का एक्सीडेंट होने के बाद उसका क्लेम फाइल करना और प्राप्त करना अपने आप में काफी थकाऊ और लंबी प्रक्रिया होती है। जब भी आप कार का इंश्योरेंस क्लेम फाइल करते हैं तो या तो कंपनी क्लेम को मान लेती है या फिर इसे रिजेक्ट कर देती है। क्लेम रिजेक्ट होने पर अक्सर हम सोच में पड़ जाते हैं कि हमारा क्लेम रिजेक्ट क्यों हुआ होगा। ऐसे में हम वो सामान्य गलतियां लेकर आये हैं जिनकी वजह से अक्सर क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है। अगर आप भी अपनी कार के लिए इंश्योरेंस क्लेम फाइल करने के बारे में विचार कर रहे हैं तो आपको इन गलतियों से बचना चाहिए वरना आपका क्लेम भी रिजेक्ट हो सकता है।

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कार इंश्योरेंस क्लेम हो जाएगा रिजेक्ट, अगर इन बातों का नहीं रखेंगे ध्यान

इन वजहों से रिजेक्ट हो सकता है क्लेम

क्या आप भी सोच रहे हैं कि वो क्या कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से एक कंपनी आपके कार इंश्योरेंस क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है? वो सामान्य गलतियां जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है:

क्लेम करने में देरी: मोटर इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम फाइल करने के लिए आपको एक तय समय देती हैं और अगर आप इसमें देरी करते हैं तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। आमतौर पर एक्सीडेंट होने के 48 घंटों या फिर 7 दिनों के भीतर ही आपको कार इंश्योरेंस क्लेम फाइल करना होता है। अगर एक्सीडेंट होने के 7 दिनों के भीतर क्लेम फाइल न किया जाए तो कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।

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