What is an ADAS system: आज की मॉडर्न गाड़ियों में सेफ्टी और कम्फर्ट सिर्फ फीचर नहीं बल्कि जरूरत बन चुके हैं। इसी दिशा में ADAS यानी Advanced Driver Assistance System सबसे बड़ा बदलाव लेकर आया है। यह सिस्टम सेंसर और कैमरा के और AI एल्गोरिद्म की मदद से ड्राइवर को सुरक्षित और आसान ड्राइविंग में मदद करता है।
What is an ADAS system/Photo-AI
ADAS कैसे काम करता है?
ADAS का पूरा काम रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर आधारित है। यह कार के आसपास की स्थिति को समझकर तुरंत निर्णय लेता है। इसमें सेंसर और कैमरा एक: ट्रैफिक, रोड मार्किंग, पैदल यात्री और गाड़ियों को डिटेक्ट करते हैं। इसमें एक प्रोसेसिंग यूनिट होती है जिसके जरिए कैमरा और सेंसर की जानकारी कंप्यूटर को भेजी जाती है, जो खतरे को पहचानकर फैसला लेता है।
उसके बाद एक अलर्ट सिस्टम होता है जो एक्शन लेता है। सिस्टम बीप, वाइब्रेशन या डिस्प्ले सिग्नल से अलर्ट देता है। कुछ स्थिति में खुद ब्रेक लगाता है या स्टीयरिंग मोड़ता है यानी, ADAS ड्राइवर की आंख, कान और दिमाग की तरह काम करता है और उससे भी तेज प्रतिक्रिया देता है।
ADAS में इस्तेमाल होने वाली मुख्य टेक्नोलॉजी
| टेक्नोलॉजी | काम |
|---|---|
| RADAR | अंधेरे या खराब मौसम में ऑब्जेक्ट पहचानता है |
| SONAR | पास मौजूद बाधाओं को पहचानता है |
| कैमरा & LiDAR | 360° व्यू प्रदान करता है |
| GPS | सटीक लोकेशन और रूट जानकारी देता है |
ADAS के प्रकार
1. Active ADAS सिस्टम- ये सिस्टम खतरा देखते ही खुद एक्शन लेते हैं। इनके एक्शन में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीपिंग असिस्ट, इमरजेंसी स्टेयरिंग असिस्ट और Self-Parking सिस्टम शामिल होते हैं।
2. Passive ADAS सिस्टम- ये सिर्फ अलर्ट देते हैं, कंट्रोल ड्राइवर संभालता है। इसमें ABS, Electronic Stability Control, Lane Departure Warning, Blind Spot Detection, Parking Sensors आदि शामिल होते हैं।
ADAS की लोकप्रिय फीचर्स
- Adaptive Cruise Control: आगे की गाड़ी के हिसाब से स्पीड खुद सेट।
- Automatic Emergency Braking: टक्कर का खतरा हो तो तुरंत ब्रेक।
- Blind Spot Detection: साइड में छिपी गाड़ी पर अलर्ट।
- Traffic Jam Assist: ट्रैफिक में खुद एक्सेलरेट और ब्रेक।
- 360° कैमरा: पार्किंग और टर्न में पूरा व्यू।
ADAS के लेवल (0 से 5 तक ऑटोमेशन)
| लेवल | सिस्टम क्षमता |
|---|---|
| Level 0 | कोई ऑटोमेशन नहीं |
| Level 1 | बेसिक असिस्ट- जैसे क्रूज कंट्रोल |
| Level 2 | स्टीयरिंग + स्पीड दोनों में मदद |
| Level 3 | खास स्थितियों में सिस्टम खुद ड्राइव कर सकता है |
| Level 4 | लगभग पूर्ण ऑटो ड्राइविंग |
| Level 5 | पूरी तरह ड्राइवर-लेस, स्टीयरिंग की भी जरूरत नहीं |
ADAS क्यों जरूरी है?
सड़क दुर्घटनाएं कम होती हैं। ड्राइवर का स्ट्रेस और थकान कम होती है। कठिन परिस्थितियों में वाहन खुद निर्णय ले सकता है। भविष्य में ये सिस्टम खुद को ऑटो-कैलिब्रेट भी कर पाएंगे। ADAS सिर्फ एक फीचर नहीं, बल्कि भविष्य की ड्राइविंग है, जहां गाड़ियां सिर्फ चलेंगी नहीं बल्कि सोचेंगी भी। यह सिस्टम ड्राइविंग को सुरक्षित, स्मार्ट और सुविधाजनक बनाकर सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी कमी ला सकता है।
