भारत के लिए क्यों अहम हैं खाड़ी देश, मोदी सरकार की 8 साल की कवायद पर होगा असर ?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 7, 2022, 06:35 PM IST

Prophet Muhammad Comment Row: चाहे जम्मू और कश्मीर से धारा 370  (Article 370) हटाने का कदम हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का मामला हो, पाकिस्तान (Pakistan) की लाख कोशिशों के बावजूद, सउदी अरब से लेकर दूसरे खाड़ी देशों ने भारत का समर्थन किया।

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Prophet Muhammad Comment Row: आज से सात साल पहले (2015) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जब अबूधाबी स्थित शेख जायद मस्जिद पहुंचे थे तो उनका संदेश साफ था कि वह खाड़ी देशों के साथ, भारत के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना चाहते थे। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मस्जिद से शुरू हुई कवायद का असर भी इन वर्षों में दिखा है। चाहे जम्मू और कश्मीर से धारा 370  (Article 370) हटाने का कदम हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का मामला हो, पाकिस्तान (Pakistan) की लाख कोशिशों के बावजूद, सउदी अरब से लेकर दूसरे खाड़ी देशों ने भारत का समर्थन किया। और मजबूत होते रिश्तों का ही प्रतीक है कि यूएई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, 'ऑर्डर ऑफ जायद' से सम्मानित किया है।

भारत के लिए क्यों अहम हैं खाड़ी देश, मोदी सरकार की 8 साल की कवायद पर होगा असर ?
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लेकिन पिछले 7 साल का कवायद पर भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा और नवीन जिंदल की पैगंबर मुहम्मद साहब पर की गई कथित टिप्पणी भारी पड़ती दिख रही है। और एक के बाद दूसरे मुस्लिम देश भाजपा प्रवक्ताओं के बयान पर भारत सरकार पर निशाना साध रहे हैं। और यह साफ दिख रहा है कि भारत सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। और इसी दबाव का नतीजा है कि नुपूर शर्मा को जहां पार्टी ने निलंबित कर दिया है, वहीं नवीन जिंदल को पार्टी से निकाल दिया गया है। वहीं भारत सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी व्यक्ति का विचार या टिप्पणी का मतलब सरकार की नहीं होती है। जाहिर है भारत सरकार जल्द से जल्द इस विवाद को खत्म करना चाहती है। क्योंकि उसे पता है कि यह विवाद भारत के आर्थिक, कूटनीतिक सभी स्तर पर असर डालेगा।

88 लाख भारतीय और 50 अरब पेट्रो डॉलर

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