बिहारः सियासी तूफानों के बीच 22 साल में आई और गईं सरकार, पर CM के सिंहासन से 'चिपके' रहे JDU के नीतीश कुमार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 10, 2022, 04:09 PM IST

Nitish Kumar took oath as Bihar CM for 8th time: साल 2024 में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा- नहीं, हमारी किसी भी पद के लिए कोई दावेदारी नहीं है। लेकिन जो 2014 में आए वो 2024 के बाद रह पाएंगे या नहीं?

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Nitish Kumar took oath as Bihar CM for 8th time: सियासी तौर पर बेहद अहम माने वाले बिहार में फिर से महागठबंधन की सरकार बनी है। बुधवार (10 अगस्त, 2022) को जेडीयू के नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली, जबकि उनके साथ आरजेडी के तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। पांच साल बाद दोबारा जेडीयू और आरजेडी साथ आए। पूरे घटनाक्रम की सबसे रोचक बात यह है कि वहां गठबंधन और सरकार भले ही बदल गई हो, पर सीएम इस बार भी सुशासन कुमार ही बने। वैसे, इससे पहले भी ऐसे कई मौके आए जब सियासी भूचालों और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरने के बाद भी नीतीश मुख्यमंत्री के सिंहासन पर जमे रहे। आइए, जानते-समझते हैं ऐसा कैसे और कब-कब हुआ: 

बिहारः सियासी तूफानों के बीच 22 साल में आई और गईं सरकार, पर CM के सिंहासन से 'चिपके' रहे JDU के नीतीश कुमार
Photo Credit: ANI

पहली पारी: 3 मार्च 2000- 10 मार्च 2000 
नीतीश कुमार की पहली सरकार केवल 7 दिन ही चल पाई। उन्होंने 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया था। लेकिन 10 मार्च को उनकी सरकार गिर गई। विधानसभा में बहुमत साबित ना कर पाने के बाद नीतीश कुमार को इस्तीफा देना पड़ा था। 

दूसरी पारी: 24 नवंबर 2005- 24 नवंबर 2010 
बिहार में JDU और बीजेपी की जोड़ी ने पहली बार एक साथ पांच साल तक सरकार चलाई। पहले फरवरी में चुनाव हुए थे, लेकिन किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। आखिरकार लालू यादव की पहल पर विधानसभा भंग कर दी गई। 
6 महीने बाद जब अक्टूबर 2005 में चुनाव हुए तो JDU और बीजेपी की जोड़ी ने 143 सीट हासिल किए। JDU के खाते में 88 सीटें आए और नीतीश कुमार को सीएम बनाया गया।  

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