Santosh Anand Birthday: एक लाइब्रेरियन जो बना गीतकार, कलम से निकला गाना- एक प्‍यार का नगमा है, मौजों की रवानी है

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 5, 2022, 07:50 AM IST

एक हजार साल का सर्वश्रेष्‍ठ गीत 'एक प्यार का नगमा है...' लिखने वाले संतोष आनंद का आज यानि 5 मार्च को जन्मदिन है। उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंद्राबाद में पैदा हुए संतोष आनंद ने 30 से ज्‍यादा फ‍िल्‍मों में 109 के करीब गाने लिखे हैं।

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Santosh Anand Birthday: हिंदी सिनेमा के महान गीतकारों की बात होती है तो संतोष आनंद का जिक्र सूची में शीर्ष पर होता है। वही संतोष आनंद जिनकी कलम ने हिंदी सिनेमा के लिए लिखना शुरू किया था तो पहला गाना निकला 'पुरवा सुहानी आई रे....'! 1970 में आई मनोज कुमार, सायरा बानो और अशोक कुमार की फ‍िल्‍म पूरब और पश्चिम का यह गाना हमेशा हमेशा के ल‍िए फैंस की जुबां पर स्‍थापित हो गया। इसके बाद उनकी कलम ने वो गाना लिखा जिसे सॉन्‍ग ऑफ मिलेनियम कहा गया। 1972 में आई मनोज कुमार, जया बच्‍चन और प्रेम नाथ की फ‍िल्‍म शोर का गाना 'एक प्‍यार का नगमा है, मौजों की रवानी है, जिंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है।' 

Santosh Anand Birthday: एक लाइब्रेरियन जो बना गीतकार, कलम से निकला गाना- एक प्‍यार का नगमा है, मौजों की रवानी है

प्रेमिका के लिए लिखा था गाना

एक हजार साल का सर्वश्रेष्‍ठ गीत 'एक प्यार का नगमा है...' लिखने वाले संतोष आनंद का आज यानि 5 मार्च को जन्मदिन है। इस गीत को लता मंगेशकर ने आवाज दी थी और यह ऐसा छाया कि अमर हो गया। आज भी यह गाना उसी शिद्दत से पसंद किया जाता है। इस गीत के ल‍िए उन्‍हें दो बार फ‍िल्‍मफेयर और यश भारती अवॉर्ड से नवाजा गया। वो कहते हैं कि हर हसीन घटना के पीछे कोई कहानी होती है। यह गीत संतोष आनंद ने दिल की उस गहराई से रचा था, जहां केवल उनकी प्रेमिका की जगह रही होगी। यह बात खुद संतोष आनंद कह चुके हैं कि उन्‍होंने यह गीत अपनी प्रेमिका के ल‍िए लिखा था।  

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