Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana: देश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह की स्कीम लेकर आई है। उनमें से एक है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है। इसके तहत मछुआरों और किसानों को मछली पालने के लिए सहायता दी जाती है। ताकि उनकी आय में इजाफा हो सके। इस स्कीम के तहत मछली पालन के लिए 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है या 2 लाख रुपए तक की छूट देती है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) में सामान्य वर्ग के लोगों को मछली पालन बिजनेस में आ रही लागत का 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी का लाभ दिया जाता है, तो वहीं महिलाओ, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई गई इस स्कीम का लाभ कैसे लें।
मछली पालन के लिए सरकार दे रही है सब्सिडी (तस्वीर-Canva)
PMMSY: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा स्कीम का लाभ कैसे लें
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेने हेतु इच्छुक व्यक्ति को योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmmsy.dof.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
इसके बाद आपको अपनी डिटेल के साथ डॉक्यूमेंट्स भी अपलोड करने होंगे।
इसके पश्चात PMMSY योजना का लाभ लेने वाले आवेदक को एक डीपीआर तैयार करनी होगी।
जिसे आवेदक द्वारा अपनी एप्लीकेशन के साथ जमा करना होगा।
जमा की गई डीपीआर सक्सेसफुली एप्रूव्ड होने के पश्चात ही आवेदक को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
PMMSY: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा स्कीम में कैसे करें आवेदन
पीएम मत्स्य संपदा योजना के लाभ के लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट (https://pmmsy.dof.gov.in/) पर जाना है।
यहां होम पेज पर आप योजना के लिंक पर क्लिक करें।
इसके बाद आपको एक आवेदन फॉर्म भरने का विकल्प मिलेगा।
आवेदन फॉर्म भरने के बाद मांगे गए सभी दस्तावेज अपलोड करा दें।
फॉर्म में आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, जमीन का ब्यौरा दर्ज करना होगा।
सभी डॉक्यूमेंट अपलोड करने के पश्चात सबमिट ऑप्शन पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म जमा कर दें।
इस प्रकार आप आवेदन योजना में सफलतापूर्वक हो जाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना भारत सरकार की एक फ्लैगशिप स्की है। इस स्कीम का क्रियान्वयन मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। PMMSY को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक 5 वर्षों की अवधि के लिए लागू किया गया है।
