India–Russia fertilizer deal: भारत की तीन उर्वरक कंपनियों आरसीएफ, आईपीएल और एनएफएल ने रूस की कंपनी यूरालकेम के साथ मिलकर एक नया यूरिया संयंत्र लगाने के लिए 1.2 अरब डॉलर (लगभग 10,000 करोड़ रुपये) के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी।
भारत को यूरिया की सुरक्षित आपूर्ति, रूस में 1.2 अरब डॉलर का नया प्लांट (तस्वीर-istock)
रूस में बनेगा 20 लाख टन क्षमता वाला प्लांट
रूस के एक शहर में बनने वाला यह नया प्लांट हर साल करीब 20 लाख टन यूरिया का उत्पादन करेगा। उम्मीद है कि यह प्लांट 2028 के मध्य तक काम करना शुरू कर देगा। इसमें रूस के प्राकृतिक गैस और अमोनिया संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
भारत को मिलेगी सुरक्षित और स्थिर आपूर्ति
भारत अभी भी यूरिया का शुद्ध आयातक है। नए समझौते से भारत को उर्वरक की सुरक्षित और निश्चित आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने दीर्घकालिक खाद आपूर्ति सुनिश्चित करने और संयुक्त उद्यम बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की है।
कंपनियों की हिस्सेदारी और निवेश
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस संयुक्त कंपनी में आरसीएफ और आईपीएल की 45-45 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि एनएफएल की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। प्लांट पर होने वाला 1.2 अरब डॉलर का निवेश इक्विटी और कर्ज, दोनों के जरिए जुटाया जाएगा।
भारत का यूरिया आयात अभी भी जारी
हालांकि भारत ने पिछले वर्षों में यूरिया उत्पादन बढ़ाया है, लेकिन मांग पूरी करने के लिए अभी भी आयात करना पड़ता है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 56.47 लाख टन यूरिया आयात किया, जिसमें बड़ी मात्रा रूस से आई थी।
