जम्मू-कश्मीर में केसर उत्पादन गिरकर हुआ 19.58 टन, किस राज्य होता सबसे अधिक प्रोडक्शन?

Saffron Production: जम्मू-कश्मीर में केसर उत्पादन 2023-24 के 23.53 टन से घटकर 2024-25 में 19.58 टन रह गया। यह जानकारी सरकारी आंकड़ों में दी गई। नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक हसनैन मसूदी के सवाल पर उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने बताया कि केसर की खेती 1,116.27 हेक्टेयर में स्थिर है, लेकिन उत्पादन और उत्पादकता में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

Saffron Production: जम्मू-कश्मीर में केसर के उत्पादन में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में जहां केसर का उत्पादन 23.53 टन था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह घटकर 19.58 टन रह गया है। यह जानकारी सदन में एक लिखित प्रश्न के जवाब में दी गई। आंकड़े बताते हैं कि खेती का कुल रकबा 1,116.27 हेक्टेयर पर स्थिर है, लेकिन उत्पादन और प्रति हेक्टेयर पैदावार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यह जानकारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हसनैन मसूदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि भले ही केसर की खेती का क्षेत्रफल नहीं बदला है, लेकिन मौसम, खेती के तरीकों और अन्य परिस्थितियों के कारण उत्पादन में बदलाव आता रहा है।

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जम्मू-कश्मीर में केसर उत्पादन 2024-25 में घटकर 19.58 टन (तस्वीर-istock)

पिछले पांच साल का आंकड़ा

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सदन में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में केसर का उत्पादन 17.33 टन रहा था। इसके बाद वर्ष 2021-22 में यह घटकर 14.87 टन हो गया। वर्ष 2022-23 में भी उत्पादन लगभग स्थिर रहा और 14.94 टन दर्ज किया गया। हालांकि वर्ष 2023-24 में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी हुई और यह 23.53 टन तक पहुंच गया, जो पिछले कई वर्षों की तुलना में काफी अधिक था। लेकिन यह बढ़त लंबे समय तक कायम नहीं रह सकी और वर्ष 2024-25 में उत्पादन फिर घटकर 19.58 टन पर आ गया।

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