हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग को ठोस और संगठित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। शिमला में आयोजित एक बैठक में उन्होंने अधिकारियों को किसानों तक सीधे पहुंचने और प्राकृतिक खेती को अपनाने के साथ ही उसके प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में सहयोग देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री सुखू ने हिमाचल में प्राकृतिक खेती बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों के पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल में सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जाएगी ताकि ठोस परिणाम सामने आ सकें।
सुखू ने एपीएमसी (APMC) के अध्यक्षों से किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति प्रेरित करने और हरसंभव सहायता देने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने सभी एपीएमसी से गेहूं, मक्का और कच्ची हल्दी जैसे प्राकृतिक उत्पादों की खरीद के लिए उन्नत श्रेणी के साइलो स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
एमएसपी और बीज की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं की खरीद राज्य सरकार पहले ही शुरू कर चुकी है और किसानों को 60 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, कृषि विभाग को निर्देशित किया गया है कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएं।
हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में गंभीर कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू की पहल किसानों को सशक्त बनाने और सतत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
