Paddy bonus will be distributed through drone survey: मध्यप्रदेश सरकार ने धान बोनस देने से पहले ड्रोन तकनीक का उपयोग करके फसलों का सर्वेक्षण करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य किसानों को पूरी पारदर्शिता के साथ लाभ पहुंचाना है।
ड्रोन सर्वे से होगा धान बोनस का वितरण
मुख्यमंत्री ने सिवनी में स्वामित्व योजना से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा, “धान बोनस के वितरण में समस्याओं को रोकने के लिए अब ड्रोन से फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी किसान इस लाभ से वंचित न रहे।”
धान बोनस और सरकारी योजना
धान बोनस फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अतिरिक्त दी जाने वाली राशि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की कठिनाइयों को समझते हुए बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी।
सिंचाई और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2003 से 2023 के बीच राज्य की सिंचाई क्षमता 7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 48 लाख हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने आगे कहा, “आने वाले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 1 करोड़ हेक्टेयर करने का लक्ष्य है।”
रोजगार योजनाओं का भी ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “इस साल 1 लाख सरकारी पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।”
यह घोषणा सरकार की उन योजनाओं का हिस्सा है, जो राज्य के किसानों और युवाओं के लिए बेहतर अवसर और संसाधन सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
