Dev Loan Yojana: किसानों की आय को बढ़ाने के लिए उन्हें पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ताकि दूध का कारोबार कर किसान अधिक से अधिक आय प्राप्त कर सके। इसके लिए राज्य सरकारें भी लगातार सपोर्ट कर रही है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार गाय-भैंस पालने वाले किसानों को लोन दे रही है। इसके लिए देव ऋण योजना चलाई है। इससे गांव के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। आइए जानते हैं इसका लाभ कैसे उठाएं।
पशुपालन के लिए सरकार दे रही है आर्थिक सहायता (तस्वीर-Canva)
देव ऋण योजना में कितना मिलेगा लाभ
ट्रैक्टरगुरु के मुताबिक पशुपालन, डेयरी, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि देव ऋण योजना के तहत ऐसे 3011 पशुपालक परिवारों को लोन का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, जिनके पास 50 या इससे अधिक पशु हैं। इनोवेशन के तहत 50 या इससे अधिक पशु रखने वाले परिवारों को 'देव ऋण योजना' के अंतर्गत 1 लाख 60 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि देव ऋण योजना का उद्देश्य गरीब, पिछड़ा वर्ग (OBC), विशेष पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक पशुपालकों को प्राथमिकता के साथ उनकी जीवन शैली में सुधार, आत्मविश्वास जागृत करने और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करने के साथ बैंकों के प्रति रुझान पैदा करना है।
किस ब्याज रेट और कितना मिलेगा लोन
- देव लोन स्कीम के तहत चयनित पशुपालक परिवारों को 1,60,000 रुपए प्रति परिवार एक मुश्त लोन स्वीकृत कर दिलाया जाएगा।
- स्वीकृत लोन पर 4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर देय होगी।
- योजना के तहत चिन्हित परिवारों को जमीन गिरवी नहीं रखनी पड़ेगी मतलब बिना भूमि गिरवी रखे लोन स्वीकृत किया जाएगा।
- पशुओं का बीमा भी नहीं करवाना है तथा पशुओं के टेग भी नहीं लगवाना है।
- सर्वे अन्तर्गत चिन्हित परिवार जो वर्तमान में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन प्राप्त कर रहे हैं।
- वह पशुपालक परिवार भी इस लोन योजना का लाभ उठा सकते हैं।
