World Turtle Day: असम भारत की 31 में से कछुए की 21 प्रजातियां का घर, मंदिरों के तालाबों में बचाई जा रही दुर्लभ प्रजातियां

World Turtle Day: विश्व कछुआ दिवस पर असम सरकार ने कछुआ संरक्षण अभियान तेज किया। राज्य में भारत की 31 में से 21 प्रजातियां पाई जाती हैं। मंदिर तालाबों में संरक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

World Turtle Day: विश्व कछुआ दिवस के मौके पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने राज्य में चल रहे कछुआ संरक्षण अभियान (Assam turtle conservation) की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि असम भारत में कछुओं की विविधता का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। देश में पाई जाने वाली 31 कछुआ प्रजातियों में से 21 प्रजातियां केवल असम में मिलती हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि कछुए दुनिया के सबसे ज्यादा खतरे में पड़े जीवों में शामिल हैं और इनके संरक्षण के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है।

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विश्व कछुआ दिवस पर असम सरकार का बड़ा अभियान (तस्वीर-X)

दुनिया भर में बढ़ रहा है कछुओं पर खतरा

मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो में बताया गया कि दुनिया में कछुओं की कुल 369 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से करीब 70 प्रतिशत प्रजातियां विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें प्राकृतिक आवास का नष्ट होना, जलाशयों का खत्म होना, पर्यावरण प्रदूषण और लोगों में जागरूकता की कमी प्रमुख हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जंगलों की कटाई के कारण कछुओं के रहने और प्रजनन करने की जगह लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए सरकारी और सामाजिक स्तर पर प्रयास बेहद जरूरी हो गए हैं।

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