Iran-Isarel War: इजरायल क्यों बना रहा ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों को अपना निशाना, खुद बता दी वजह

ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं को खत्म या कमजोर करने के लिए 13 जून को शुरू किए गए इजराइल के ‘आपरेशन राइजिंग लॉयन’ में कम से कम 14 परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने की आशंका है।

अटलांटा: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं को खत्म या कमजोर करने के लिए 13 जून को शुरू किए गए इजराइल के ‘आपरेशन राइजिंग लॉयन’ में कम से कम 14 परमाणु वैज्ञानिकों के मारे जाने की आशंका है। मारे गए लोगों में ईरान के इस्लामिक आजाद विश्वविद्यालय के प्रमुख और सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी मोहम्मद मेहदी तेहरानची और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन का नेतृत्व करने वाले परमाणु इंजीनियर फेरेयदून अब्बासी-दवानी भी शामिल थे।

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू

भौतिकी और इंजीनियरिंग के ये विशेषज्ञ मोहसिन फखरीजादेह के संभावित उत्तराधिकारी थे, जिन्हें ईरान के परमाणु कार्यक्रम के वास्तुकार के रूप में माना जाता था। नवंबर 2020 में एक हमले में उनकी मौत हो गई थी, जिसके लिए कई लोग इजराइल को दोषी मानते हैं।दो राजनीतिक विज्ञानियों के रूप में हम वैज्ञानिकों को निशाना बनाए जाने बारे में एक किताब लिख रहे हैं। हम अच्छी तरह से जानते हैं कि परमाणु वैज्ञानिकों को परमाणु युग की शुरुआत से ही निशाना बनाया जाता रहा है।

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