Putin’s nuclear threat : यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूस में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद दोनों देशों में नए सिरे से टकराव होने की आशंका बढ़ गई है। माना जा रहा है कि नाटो, यूएन एवं ईयू की प्रतिक्रिया देखने के बाद यूक्रेन अपने इन क्षेत्रों को दोबारा वापस पाने के लिए रूसी सैन्य बलों पर हमले तेज कर सकता है। पिछले कुछ समय में यूक्रेन ने अपनी लड़ाई तेज करते हुए कई इलाकों को रूसी सेना से मुक्त कराते हुए उस पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया है। जाहिर है कि यूक्रेन यदि हमले में तेजी लाता है तो रूस चुप नहीं बैठेगा वह भी पलटवार करेगा। रूस के पास हजारों की संख्या में परमाणु हथियार हैं। जरूरत के हिसाब से वह इन्हें 'टैक्टिकल' न्यूक्लियर हथियार का रूप दे सकता है।
रूस के पास हजारों की संख्या में हैं परमाणु हथियार।
सभी विकल्पों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे-पुतिन
गत 21 सितंबर को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने टेलिविजन पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी क्षेत्रीय अखंडता एवं सुरक्षा के लिए रूस अपने पास मौजूद सभी विकल्पों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। जाहिर है कि इसमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल है। पुतिन ने कहा कि 'यह केवल कोरी बयानबाजी नहीं है।'
'टैक्टिकल' परमाणु हथियारों में होते हैं छोटे वारहेड्स
पुतिन के इस बयान के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह यूक्रेन के खिलाफ अपने 'टैक्टिकल' एवं 'स्ट्रेटेजिक' परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। आम तौर परमाणु हथियारों के संदर्भ में जब 'टैक्टिकल' एवं 'स्ट्रेटेजिक' हथियारों की बात होती है तो 'स्ट्रेटेजिक' परमाणु हथियार का अर्थ बड़े पैमाने पर बड़ी क्षति पहुंचाने से लगाया जाता है जबकि 'टैक्टिकल' परमाणु हथियारों का इस्तेमाल सीमित दायरे में हमले के लिए किया जाता है। 'टैक्टिकल' परमाणु हथियारों में छोटे परमाणु वारहेड्स लगे होते हैं।
यूक्रेन के चार इलाकों को रूस ने अपने में मिलाया है।
हिरोशिमा पर गिरा था 15 किलोटन का परमाणु बम
छोटा 'टैक्टिकल' परमाणु हथियार एक किलोटन या इससे कम वजन का हो सकता है। यह 100 किलोटिन का भी हो सकता है। इसकी तुलना में 'स्ट्रेटेजिक' न्यूक्लियर हथियार काफी बड़े होते हैं। ये 1,000 किलोटन के हो सकते हैं और इन्हें काफी दूर से दागा जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक साल 1945 में अमेरिका ने जापान के शहर हीरोशिमा जो परमाणु बम गिराया था वह 15 किलोटन का था। इस तरह से देखे तो अमेरिका ने जापान के खिलाफ 'टैक्टिकल' परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया था। हालांकि, टैक्टिकल' एवं 'स्ट्रेटेजिक' परमाणु हथियारों का यह वर्गीकरण कई बातों पर निर्भर करता है।
यूक्रेन के नाटो में शामिल होने पर बिगड़ सकते हैं हालात
इस बीच, यूक्रेन के समर्थन में नाटो खुलकर आ गया है। नाटो के नौ यूरोपीय सदस्य देशों ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर यूक्रेन को सदस्यता देने का समर्थन किया। उन्होंने सभी 30 सदस्य देशों से बढ़-चढ़कर यूक्रेन की सैन्य मदद करने की भी अपील की। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश को तत्काल नाटो की सदस्यता देने का अनुरोध किया था। उन्होंने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूस में मिलाए जाने के बाद यह मांग की। नाटो की सदस्यता के लिए सभी 30 देशों की मंजूरी मिलनी आवश्यक है और यूक्रेन को जल्द ही संगठन की सदस्यता मिलने की संभावना नहीं है। पुतिन कह चुके हैं कि नाटो यदि यूक्रेन को सदस्यता देता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
यूरोप के नौ देश डरे
मध्य और पूर्वी यूरोप के नौ देशों को डर है कि यूक्रेन के बाद रूस उन्हें अपना निशाना बना सकता है। उन्होंने यूक्रेन के क्षेत्रों को रूस में मिलाए जाने का जवाब देने का अनुरोध किया है। चेक गणराज्य, एस्टोनिया, लातविया, उत्तरी मकदूनिया, मॉन्टेनीग्रो, पोलैंड, रोमानिया और स्लोवाकिया के नेताओं ने रविवार को अपनी-अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया है, 'हम रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन के बचाव में उसका समर्थन करते हैं। मांग करते हैं (कि रूस) सभी कब्जे वाले क्षेत्रों से तुरंत वापस करे। सभी सदस्य देश बढ़-चढ़कर यूक्रेन की सैन्य मदद करें।'
