Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गाजा में उनका शांति समझौता लागू होने के बाद से यहूदी, मुस्लिम और मुस्लिम देश सभी खुश हैं। हम सभी को खुश करने जा रहे हैं। ट्रंप ने यह बात रविवार को (स्थायी समयानुसार) इजरायल के लिए रवाना होते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत करते हुए कहीं। ट्रंप पहले इजरायल जाएंगे और फिर वहां से मिस्र के लिए रवाना होंगे। शर्म अल शेख में मिस्र के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला अल सीसी और अरब देशों के अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। तस्वीर-AP
शर्म अल शेख में अरब नेताओं से मिलेंगे ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि इजरायल में रुकने के बाद वह मिस्र जाएंगे और अरब देशों के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'इजरायल के बाद हम मिस्र जा रहे हैं। मिस्र में बड़े देशों, ताकतवर और समृद्ध देशों नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। हम उन सभी से बातचीत करेंगे जो इस शांति समझौते में शामिल हैं।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने इस तेल अवीव दौरे को बेहद खास बताया है। इजरायल में वह बंधक पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और एक कार्यक्रम में इजरायली सांसदों को संबोधित करेंगे।
आज से बंधक रिहा करेगा हमास
हमास और इजरायल के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद ट्रंप का इजरायल का यह पहला दौरा है। हमास और इजरायल के बीच सीजफायर का पहला चरण लागू हो गया है और हमास से सोमवार से इजरायली बंधकों को रिहा करना शुरू करेगा। इजरायल ने भी सीमा पर तैयारी की है। इजरायल में उत्साह का माहौल है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लोगों की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान हैं। हमास और इजरायल के बीच सीजफायर के लिए ट्रंप ने 21 सूत्री प्लान तैयार किया है। इसमें गाजा में मानवीय मदद का पहुंचना, बंधकों की रिहाई और हमास का हथियार डालना भी शामिल है।
मिस्र जाएंगे पाक पीएम शहबाज
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सोमवार को मिस्र की यात्रा करेंगे और शर्म अल शेख शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे तथा युद्धग्रस्त गाजा के युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे। विदेश कार्यालय के एक बयान के अनुसार, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर शरीफ यह यात्रा कर रहे हैं। विदेश कार्यालय ने कहा, ‘इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री के साथ उप प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्री भी होंगे।’
न्यूयॉर्क में 23 सितंबर को हुई थी बैठक
शर्म अल-शेख शिखर सम्मेलन पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों का परिणाम है जहां गाजा में शांति के रास्ते तलाशने के लिए प्रधानमंत्री समेत मिस्र, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया और तुर्की के नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ 23 सितंबर को बैठक में भाग लिया था।
