गरीबी और अभाव में बचपन बिताने वाले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कभी जासूस हुआ करते थे। विद्रोही स्वभाव वाले रूसी दिग्गज नेता कभी स्कूल में चाकू लेकर चले जाया करते थे और किसी से डरते नहीं थी। उनके पास जूडो में ब्लैक बेल्ट है, जबकि मार्शल आर्ट्स उनकी जिंदगी में खासा मायने रखती है। आइए, जानते हैं उनके बर्थडे पर उनसी जुड़ी रोचक बातें:
व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) फिलहाल रूस (Russia) के राष्ट्रपति हैं। (सोर्सः एपी)
सात अक्टूबर, 1952 को रूस के लेनिनग्राद (मौजूदा समय में सेंट पीटर्सबर्ग) में जन्मे पुतिन के पिता फैक्ट्रीफोरमैन थे। साल 1975 में उन्होंने लेनिनग्राद स्टेट यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है, जबकि पत्नी से 2014 में तलाक हो गया था। जुलाई 1983 में उनकी शादी ल्यूडमिला पुतिना से हुई थी, जिनसे उन्हें दो बच्चे (बेटियां) भी हुए।
उन्हें वर्क आउट करना बेहद पसंद है और जूडो में उनके पास ब्लैक बेल्ट भी है। यह उन्होंने 18 साल की उम्र में हासिल कर ली थी। वह सक्रिय तौर पर सियासी मैदान में कूदने के पहले केजीबी (सोवियत संघ की मुख्य सुरक्षा एजेंसी थी 1954 से 1991 तक) में इंटेलिजेंस ऑफिसर के तौर पर भी काम कर चुके हैं।
पुतिन रूसी मार्शल आर्ट फॉर्म सैंबो ( Sambo) और जूडो (Judo) में ट्रेन्ड हैं। 82 मिनट की उनकी 'लेट्स लर्न जूडो विथ व्लादिमीर पुतिन' भी है। बताया जाता है कि वह स्कूल के दिनों से ही आक्रामक थे। नजदीकी दोस्त के हवाले से ब्रिटिश मीडिया 'बीबीसी' ने बताया कि एक दौर था जब वह किसी से खौफ नहीं खाते थे और किसी से भी उलझ जाते थे और लड़ पड़ते थे।
पुतिन को मछली पकड़ना, घुड़सवारी करना, बाघ का शिकार करना, तैराकी और स्कूबा डाइविंग करना बेहद पसंद है। साल 2013 में वह एक समरसिबल में गए थे और फिनलैंड की खाड़ी के नीचे तक (पानी में करीब 200 फुट गहराई में) गए थे। वह इस दौरान पता लगाने पहुंचे थे कि कहीं वहां 140 साल पुराने पोत का हिस्सा या अवशेष तो नहीं हैं।
पुतिन को किताबें पढ़ना भी खूब पसंद है। खासकर जासूसी वाले नॉवल। वाइल्ड लाइफ के शौकीन पुतिन मोटर वाले डेल्टाप्लेन का भी सफर कर चुके हैं। उनकी थीम वाली अमेरिकी टेक और गैजेट कंपनी एप्पल खास वॉच भी ला चुकी है। इस गोल्ड कोटेड एप्पल वॉच को कवायर पर्ना पेन्ना (Caviar Perna Penna) ने मैन्युफैक्चर किया था, जिसकी रकम 2,52,343.26 रुपए थी।
सियासी गलियारों में एक धड़ा उन्हें नए जमाने का ज़ार भी कहता है। दरअसल, रूस की संस्कृति में जार वह व्यक्ति होता है जो अपने विरोधियों को खत्म कर देता है और पर रोचक बात है कि वह जनता का पूरा समर्थन पाता है।
